कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में मंगलवार को कृषक उत्पादक संगठन प्रबंधन विषय पर संस्थागत प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें पोकरण कृषिफेड प्रोड्यूसर कंपनी के 20 सदस्यों ने भाग लिया।
पोकरण. कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में मंगलवार को कृषक उत्पादक संगठन प्रबंधन विषय पर संस्थागत प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें पोकरण कृषिफेड प्रोड्यूसर कंपनी के 20 सदस्यों ने भाग लिया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ.बलबीरसिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रशिक्षणार्थियों को केन्द्र की ओर से संचालित कार्यक्रमों एवं योजनाओं की जानकारी दी। एफपीओ बनाकर समूह में कार्य करने से होने वाले लाभों से किसानों को अवगत कराया। केन्द्र के प्रसार वैज्ञानिक सुनीलकुमार शर्मा ने बताया कि किसान उत्पादक संगठन कंपनी एक्ट में रजिस्टर्ड किसानों का एक समूह है, जो कृषि से जुड़ी व्यवसायिक गतिविधियां चलाएगा। एफपीओ के सदस्य एक साथ मिलकर खाद, बीज, कृषि यंत्र आदि खरीद सकेंगे एवं प्रोसेसिंग यूनिट स्टोरेज आदि की व्यवस्था करने के साथ अपनी फसल को अच्छे दाम पर बेच सकेंगे। उन्होंने एफपीओ के सुलभ संचालन एवं प्रबंधन, बाजरे में मूल्य संवर्धन, कृषि उत्पादों के बेहतर प्रसंस्करण, विपणन, ब्रांडिंग एवं निर्यात प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। सस्य वैज्ञानिक डॉ.कृष्णगोपाल व्यास ने किसानों के साथ बाजरे की उन्नत खेती के बारे में विस्तृत चर्चा की। पशुपालन विशेषज्ञ डॉ.रामनिवास ने बताया कि एफपीओ किसानों को न केवल कृषि उपज का मूल्य खुद ही तय करने का मौका देता है, बल्कि छोटी जोत वाले किसानों को दलालों, बिचौलियों से छुटकारा दिलाने में भी काफी मददगार साबित हो रहा है। इस मौके पर समूह चर्चा के माध्यम से वैज्ञानिकों ने किसानों व प्रशिक्षणार्थियों की समस्याओं का समाधान किया और मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण में मोहनदान, अशोककुमार, इब्राहिम, गिरधारी, किशनदान, जगदीश आदि उपस्थित रहे।