जैसलमेर

सूखा प्रबंधन को लेकर दिया प्रशिक्षण

सूखा प्रबंधन को लेकर दिया प्रशिक्षण

1 minute read
Aug 28, 2021
सूखा प्रबंधन को लेकर दिया प्रशिक्षण

पोकरण. क्षेत्र के एकां गांव में कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से शनिवार को सूखा प्रबंधन से फसल सुरक्षा विषय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजन किया गया, जिसमें 21 किसानों ने भाग लिया। शस्य वैज्ञानिक डॉ.केजी व्यास ने बताया कि सूखे की वजह से कृषि में होने वाला नुकसान किसानों की आमदनी और उनकी क्रय शक्ति को प्रभावित करता है। जिसके परिणाम स्वरूप खाद्य असुरक्षा, चारे की कमी, पशुओं की बिक्री में कमी, मिट्टी की नमी और भू-जल तालिका का कम होना, कुपोषण सहित अन्य समस्याओं से रूबरू होना पड़ता है। उन्होंने बताया कि किसान सूखा प्रबंधन कर बड़े पैमाने पर प्रतिकूल परिणामों को कम कर सकता है। इसके लिए बारिश जल संग्रह, भू-जल पुनर्भरण, बेसिन या सूक्ष्म स्तर पर जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण व प्रबंधन पर जोर देने की आवश्यकता है। प्रसार वैज्ञानिक सुनील शर्मा ने बताया कि बारिश से सिंचित क्षेत्रों में खेतों के कार्यों में समुन्नत वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियों के समावेश से बारिश जल संचयन और समुचित उपयोग, नमी संरक्षण, बीज व चारा बैंक, समयानुरूप व प्रभावी कृषि सलाहकार प्रणाली में आइसीटी तकनीनों के उपयोग से सूखे का प्रभावी तौर से सामना किया जा सकता है। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ.रामनिवास ढाका ने बताया कि सूखे की परिस्थिति में चारे में पोषक तत्वों व गुणवत्ता में कमी तथा रसीलेपन की भी कमी आ जाती है। सूखा चारा जानवरों के लिए पचाने में कठिन व कष्टकारी हो जाता है। उन्होंने हरे चारे से साईलेज बनाने व सूखे चारे से ही बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि पशुओं को वर्षभर हरा चारा मिलता रहे। डॉ.बबलू शर्मा ने कहा कि ऐसी फसलों का चयन करना, जो सूखापन झेल सकती है, पानी का कम उपयोग करती है और सिंचाई की कम आवश्यकता पड़ती है। न्यूनतम जुताई तकनीक का उपयोग करने का प्रयास करें। शिविर में एकां के ओमसिंह, भैरुसिंह, रावलसिंह सहित किसान उपस्थित रहे।

Published on:
28 Aug 2021 08:16 pm
Also Read
View All