जैसलमेर

jaisalmer: जंगल में छोड़े गए दो गोडावण पूरी तरह सुरक्षित, की जा रही ट्रैकिंग

राष्ट्रीय मरु उद्यान में छोड़े गए ब्रीडिंग सेंटर के दोनों राज्य पक्षी गोडावण सुरक्षित और स्वस्थ हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान की विशेषज्ञ टीम अत्याधुनिक तकनीक से दोनों गोडावण की लगातार ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग कर रही है। इधर, डीएनपी प्रशासन उनके नए आवास को सुरक्षित रखने के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में जुटा है।
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Oct 05, 2026
jaisalmer dnp
जैसलमेर. डीएनपी क्षेत्र में विचरण करता गोडावण। 

जैसलमेर. पिछले रविवार को ब्रीडिंग सेंटर के जिन दो राज्य पक्षी गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) को राष्ट्रीय मरु उद्यान क्षेत्र में छोड़ा गया था, वे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यू आइ आइ) के विशेषज्ञ अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों और विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से उनकी लगातार ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं, डीएनपी प्रशासन की ओर से वन्यजीवों के इस आवास क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखने और बुनियादी सुविधाएं जुटाने का काम किया जा रहा है।

तकनीकी निगरानी और विभाग का सुरक्षा चक्र

जंगल में मुक्त किए गए दोनों गोडावणों की गतिविधियों पर डब्ल्यू आइ आइ के विशेषज्ञ अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग के लिए सभी आवश्यक तकनीकी इंस्ट्रूमेंट्स संस्थान की टीम के पास उपलब्ध हैं। वन विभाग का मुख्य फोकस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर है, ताकि गोडावणों के विचरण क्षेत्र में किसी भी तरह की अनधिकृत चराई न हो सके और उनका प्राकृतिक आवास बाधारहित रहे।

गज़लर में पानी का प्रबंध, वर्तमान स्थिति पूरी तरह महफूज

पक्षियों की पेयजल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा क्षेत्र में बनाए गए गज़लर्स (कृत्रिम जल स्रोत) में लगातार पानी की आपूर्ति की जा रही है। बताया गया है कि दोनों गोडावण नए वातावरण में एकदम सुरक्षित एवं बेहतर स्थिति में हैं। गोडावणों के लिए सबसे बड़ा खतरा मानी जाने वाली हाईटेंशन बिजली लाइनों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। जिस इलाके में इन गोडावणों को छोड़ा गया है, वहां दूर-दूर तक कोई हाईटेंशन लाइन नहीं है। हाईटेंशन लाइनें सम और जैसलमेर के अन्य हिस्सों की तरफ हैं, जबकि इस मुक्त विचरण क्षेत्र में बिजली के तारों से जुड़ा कोई जोखिम या खतरा नहीं है।

की जा रही सतत मॉनिटरिंग

जंगल में छोड़े गए गोडावण की संस्थान की टीम की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हम उनकी सुरक्षा और सुविधा का ख्याल रख रहे हैं।

- चंद्रपाल सिंह चौहान, उप वन संरक्षक, डीएनपी, जैसलमेर

Updated on:
05 Oct 2026 09:11 pm
Published on:
05 Oct 2026 09:11 pm