जैसलमेर

इस महीने ‘पहियों पर महल’ का एहसास करवाने वाली शाही रेल के दो फेरे निरस्त,अगले सप्ताह थम जाएगा सफर

-यात्रीभार नहीं मिलने से अगले रविवार नहीं आए रेल-एक सप्ताह पहले थम जाएगा सफर
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Apr 12, 2019
jaisalmer
इस महीने ‘पहियों पर महल’ का एहसास करवाने वाली शाही रेल के दो फेरे निरस्त,अगले सप्ताह थम जाएगा सफर

जैसलमेर. सैलानियों को ‘पहियों पर महल’ का एहसास करवाने वाली शाही रेल ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ का सफर अगले सप्ताह थम जाएगा। यात्री भार नहीं मिलने से रेल का गत बुधवार का फेरा निरस्त कर दिया गया। अगले बुधवार को ही शाही रेल इस पर्यटन सीजन के अंतिम फेरे पर आएगी, जबकि कायदे से अप्रेल महीने के अंतिम बुधवार तक इसका संचालन किया जाना था। लेकिन उचित संख्या में यात्री नहीं मिलने के कारण इसे एक सप्ताह पहले ही स्थगित किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष २०१६ में अपे्रल माह में शाही रेल के एक साथ दो फेरे निरस्त किए गए थे। गौरतलब है कि संसार की सर्वाधिक सुविधाओं से युक्त ट्रेनों में पैलेस ऑन व्हील्स का नाम शुमार किया जाता है।
बुधवार को चली नहीं शाही रेल
जानकारी के अनुसार प्रत्येक बुधवार को दिल्ली से रवाना होकर रविवार को जैसलमेर पहुंचने वाली शाही रेल का एक दौरा निरस्त कर दिया गया। गत बुधवार को दिल्ली से रेल रवाना नहीं हुई। वहीं आगामी बुधवार यानी १७ अप्रेल को पैलेस ऑन व्हील्स का अंतिम फेरा होगा। जिसमें ७५ यात्रियों के सवार होकर आने की संभावना है। जबकि शेड्यूल के मुताबिक शाही रेल का अंतिम फेरा अप्रेल माह के अंतिम बुधवार को होना होता है। ऐसे में यह साफ है कि पैलेस ऑन व्हील्स को अंतिम फेरे में भी यात्री नहीं मिल रहे। लिहाजा इसे एक सप्ताह पहले ही बेड़े में भेजा जा रहा है।
पहले भी निरस्त हुए हैं फेरे
-पैलेस ऑन व्हील्स के फेरे पूर्व में भी यात्रीभार की कमी के कारण निरस्त किए गए हैं।
-साल 2016 में अप्रेल माह में दो फेरों पर यह रेल नहीं चली थी।
-दरअसल 1982 से सैलानियों को रियासतकालीन ऐशो-आराम का अनुभव दिलाने की पहल के तौर पर यह शाही रेल शुरू की गई थी।
-पूर्व के वर्षों में रेल में यात्रियों का अभाव नहीं आया था, लेकिन साल २०१६ के 30 मार्च व 27 अप्रेल के फेरों में ट्रेन को यात्री नहीं मिले।
-वे दोनों फेरे निरस्त हो गए। अब एक बार फिर यही स्थिति सामने आई है।

शाही रेल का शानदार सफर
गौरतलब है कि ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ प्रत्येक बुधवार को दिल्ली से एक सप्ताह के सफर के लिए रवाना होती है। सफर में जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौडग़ढ़, उदयपुर होते हुए जैसलमेर और यहां से जोधपुर, भरतपुर और आगरा होते हुए वापिस दिल्ली के पर्यटन स्थलों का सैलानियों को भ्रमण करवाती है। रेल में सफर करने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के लिए बेहतरीन इंटीरियर के साथ राजसी ठाठ-बाट वाले फर्नीचर, लजीज भोजन व बार आदि की व्यवस्था की जाती है। रेल में पर्यटन सीजन के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को ६५० अमरीकी डॉलर चुकाने होते हैं। जबकि ऑफ सीजन में २५ प्रतिशत की कमी की जाती है। शाही रेल के यात्रियों को जैसलमेर में भ्रमण करवाने वाले चुनिंदा गाइडों में से एक गजेंद्र शर्मा के अनुसार अगले पर्यटन सीजन के लिए इस शाही रेल में ६० फीसदी तक यात्रियों की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है।

फैक्ट फाइल -
- 02 फेरे इस माह में हुए निरस्त
- 1982 से शुरू हुई पैलेस ऑन व्हील्स
- 650 डॉलर प्रति व्यक्ति रहता है किराया

यात्रीभार में कमी से फेरे निरस्त
पैलेस ऑन व्हील्स को अप्रेल माह में समुचित संख्या में सैलानी नहीं मिलने से इसके फेरे निरस्त किए जा रहे हैं। अगले बुधवार को रेल का इस पर्यटन सीजन में अंतिम फेरा होगा।
-प्रदीप बोहरा, जनरल मैनेजर, पैलेस ऑन व्हील्स

Published on:
12 Apr 2019 05:26 pm