
जैसलमेर. मोबाइल स्क्रीन पर संदेश कुछ सेकंड में पहुंच जाता है, लेकिन देश की संचार व्यवस्था केवल इंटरनेट की रफ्तार पर निर्भर नहीं है। विशाल भौगोलिक क्षेत्रों, दूरदराज गांवों और अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाने में जमीन पर मौजूद नेटवर्क आज भी महत्वपूर्ण है। जैसलमेर इस बदलाव की एक जमीनी तस्वीर सामने रखता है। ऐसे में डाक व्यवस्था को देखने का नजरिया भी बदल रहा है। अब डाकघर की उपयोगिता का पैमाना सिर्फ चिट्ठियों की संख्या नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल भुगतान के दौर में डाक नेटवर्क कितनी नई सेवाओं को अपने साथ जोड़ चुका है। डाक विभाग की वित्तीय सेवाओं, धन हस्तांतरण, डिजिटल सुविधाओं और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक जैसी सेवाओं ने डाकघर की पारंपरिक भूमिका को व्यापक बनाया है। अब डाकघर केवल पत्र पहुंचाने का माध्यम नहीं रहा।
जैसलमेर प्रधान डाकघर के साथ रामगढ़, लाठी, मोहनगढ़, नाचना और पोकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में डाक कार्यालयों का नेटवर्क है। विशाल क्षेत्र में फैली यह व्यवस्था बताती है कि डाक नेटवर्क केवल शहरों तक सीमित नहीं है। डिजिटल संदेश तत्काल पहुंच सकता है, लेकिन दस्तावेज, पार्सल और कई सेवाओं के लिए भौतिक पहुंच जरूरी है। यही वह ताकत है, जो डिजिटल बदलाव के दौर में भी डाक नेटवर्क की उपयोगिता बनाए रखती है।
- 1.64 लाख से अधिक — देश में डाकघरों का नेटवर्क।
- 45 करोड़ से ज्यादा — डाकघर बचत बैंक खाताधारक।
- करीब 1.70 लाख — उन्नत डाक तकनीक से जुड़े कार्यालय।
- 15,373 करोड़ रुपए — 2025-26 में डाक विभाग का राजस्व।
- 9 अक्टूबर — विश्व डाक दिवस।
ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ पार्सल वितरण डाक नेटवर्क की नई ताकत बनकर उभरा है। इंडिया पोस्ट पार्सल और लास्ट-माइल डिलीवरी जैसी सेवाएं ई-कॉमर्स कारोबार को अलग-अलग हिस्सों तक जोड़ती हैं। जैसलमेर जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्र वाले बाजारों में इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। स्थानीय कारोबारी अपने उत्पाद दूसरे शहरों तक भेज सकते हैं, वहीं बाहर से आने वाला सामान भी ग्राहकों तक पहुंचता है।
डिजिटल संदेश की गति से डाकघर की तुलना करना सही पैमाना नहीं है। डाक नेटवर्क की वास्तविक ताकत उसकी स्थानीय मौजूदगी, भौतिक पहुंच और भरोसे में है। बड़े और कम आबादी वाले क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के साथ भौतिक नेटवर्क की जरूरत बनी रहेगी। भविष्य का डाकघर डिजिटल व्यवस्था का विकल्प नहीं, बल्कि उसका जमीन से जुड़ा विस्तार बन सकता है। पार्सल, वित्तीय सेवाएं, दस्तावेज और डिजिटल सुविधाएं एक ही नेटवर्क से जुड़ने पर डाकघर की भूमिका बहुसेवा केंद्र के रूप में मजबूत होगी।
डाकघर की विभिन्न सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने एवं कर्मचारियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग के ध्येय वाक्य ‘डाक सेवा, जन सेवा’ को सार्थक करने और आधार, पासपोर्ट, बीमा और बचत योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की कवायद की जा रही है।
- अखाराम, डाक अधीक्षक, जैसलमेर मंडल