-जैसलमेर के तनाश्रम में स्वयंसेवकों का स्नेह मिलन कार्यक्रम
जैसलमेर. जो जिम्मेदारी दी गई, उसे संभालते हुए अपने कार्य का विस्तार करें। इस मानव रूपी देह को परमार्थ कार्य में लगाएं और स्वयं को सौभाग्यशाली समझें। जो भी आगे बढ़े हैं विपरीत परिस्थितियां उनके भी सामने आई, लेकिन उन्होंने बिना प्रभावित हुए कार्य जारी रखा। जो श्रेष्ठ होते हैं उनके जीवन की छाप इतनी रहती है कि उनसे अन्य भी प्रेरणा लेते हैं। वे युगो युगो तक याद किए जाते हैं। उक्त उदगार जैसलमेर स्थित संघ कार्यालय तनाश्रम में आयोजित स्वयंसेवकों के स्नेह मिलन कार्यक्रम में क्षत्रिय युवक संघ के संघ प्रमुख भगवानसिंह रोलसाहबसर ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज की चकाचौंध ने जिस तरह की हवा बना रखी है, उसमें सभी बहे जा रहे हैं। कहीं हम पथ विचलित कर के इसमें बहना प्रारंभ ना कर दे, इसके लिए सदैव सतर्क रहें। जो कार्य हाथ में लिया है, उसे किए चलें। संघ प्रमुख बाड़मेर आश्रम से जैसलमेर एक दिवसीय कार्यक्रम में पहुंचे। जिन्हें संघ का दायित्व दिया गया है और अन्य आगामी दायित्व देना है, उन स्वयंसेवकों को आमंत्रित किया गया। कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को चयनित कर उन्हे नवीन कार्य दिया गया। संघ के अलावा प्रताप फाउंडेशन के कार्य को गति देने के लिए चर्चा की गई। इस दौरान क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन जिस तरह से कार्य कर रहा है, उसमें किस तरह से हम आगे सहयोगी बन सके इस पर चर्चा की गई। संघ शक्ति पथ प्रेरक के ग्राहक बनाने व संघ का साहित्य अधिकतम लोगों के पास उपलब्ध हो सके इसके बारे में कार्य योजना बनाई गईए कार्य के विस्तार पर अधिक चर्चा हुई। संघ प्रमुख के जैसलमेर प्रवास पर संघ के केंद्रीय संचालन प्रमुख लक्ष्मणसिंह, वरिष्ठ स्वयंसेवक दीपसिंह, केंद्रीय कार्यकारी गजेंद्रसिंह आऊ व रेवंत सिंह पाटोदा आदि साथ रहे। स्नेह मिलन कार्यक्रम में संभाग प्रमुख गोपालसिंह रणधा, पोकरण संभाग प्रमुख गणपतसिंह अवाय, वरिष्ठ स्वयंसेवक रेमंतसिंह झिनझिनयाली, बाबूसिंह बैरसियाला, गंगासिंह तेजमालता, सांवलसिंह मोढ़ा, हरीसिंह बैरसियाला आदि के साथ जैसलमेर-पोकरण संभाग के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।