जैसलमेर

संडे बोल – आपकी आवाज- जैसलमेर जिले में अनेक सरकारी विद्यालयों में पद रिक्तता की समस्या अब तक बनी हुई है

सीमांत जैसलमेर जिले में सरकारी विद्यालयों में सैकड़ों की संख्या में प्रत्येक श्रेणी के शिक्षकों के पद लम्बे समय से रिक्त चल रहे हैं। विशेषकर विषय अध्यापकों की बड़ी कमी है। इस कारण विद्यार्थियों के अध्ययन में बाधा पहुंच रही है। शहर के साथ गांव-गांव में निजी विद्यालय खुलने का भी यह एक बड़ा कारण है।
2 min read
Jul 18, 2026
jaisalmer city - photo patrika
photo patrika

जैसलमेर जिले में अनेक सरकारी विद्यालयों में पद रिक्तता की समस्या अब तक बनी हुई है। इससे विद्यार्थियों के अध्ययन में बड़ी बाधा पहुंच रही है। यह एक बड़ी वजह निजी विद्यालयों के पनपने की भी है। इस विषय में आप क्या सोचते हैं?

सीमांत जैसलमेर जिले में सरकारी विद्यालयों में सैकड़ों की संख्या में प्रत्येक श्रेणी के शिक्षकों के पद लम्बे समय से रिक्त चल रहे हैं। विशेषकर विषय अध्यापकों की बड़ी कमी है। इस कारण विद्यार्थियों के अध्ययन में बाधा पहुंच रही है। शहर के साथ गांव-गांव में निजी विद्यालय खुलने का भी यह एक बड़ा कारण है।

सबसे बड़ा नुकसान बच्चों का

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों का सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों को हो रहा है। मजबूरी में अभिभावकों को निजी स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है, जहां हर साल फीस का बोझ बढ़ता जा रहा है। सरकार को जल्द से जल्द सभी रिक्त पद भरने चाहिए ताकि सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर फिर से भरोसा कायम हो सके।

- दलपत सिंह

ग्रामीण विद्यार्थियों को भी मिले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

गांवों में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां एक-दो शिक्षक पूरे स्कूल का संचालन कर रहे हैं। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों के शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं। ग्रामीण बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अधिकार मिलना चाहिए।

- अनिल सिंह भाटी

भविष्य से जुड़ा गम्भीर विषय

शिक्षकों के रिक्त पद केवल प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय हैं। पर्याप्त विषय विशेषज्ञ नहीं होने से बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी प्रभावित होते हैं। सरकार को विशेष भर्ती अभियान चलाकर जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले के सभी रिक्त पद शीघ्र भरने चाहिए, ताकि सरकारी विद्यालय फिर से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र बन सकें।

- दिनेश कुमार

गिर रहा शिक्षा का स्तर

सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं होने से शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है। गरीब परिवार मजबूरी में कर्ज लेकर भी बच्चों को निजी स्कूलों में भेज रहे हैं। यदि समय पर भर्ती नहीं हुई तो सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और घटेगी। सरकार को शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

- लीलूसिंह बड्डा

अगले सप्ताह का सवाल-

शहर से लेकर गांवों तक में सडक़ हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन हादसों के लिए परिस्थितियों के अलावा वाहन चालकों की लापरवाही कितनी जिम्मेदार है और हादसों पर किस तरह अंकुश लगे, इस पर अपनी फोटो मय प्रतिक्रिया निम्न नम्बर पर भिजवाएं। 9462246222

Updated on:
18 Jul 2026 09:05 pm
Published on:
18 Jul 2026 09:05 pm