जैसलमेर

Vayushakti 2024: आसमान से लगातार बमों की बारिश, पोखरण में थर्राती रही फायरिंग रेंज

Vayushakti 2024: दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वायु सेनाओं में से एक भारतीय वायुसेना ने वायुशक्ति युद्धाभ्यास-2024 में प्रहारक व रक्षात्मक क्षमता के जरिए एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इसके साथ ही समूची दुनिया ने वैमानिकी में हिन्दुस्तान की श्रेष्ठता की पताका को लहराते देखा।
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Feb 18, 2024
Vayushakti 2024
चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में लक्ष्य पर बम वर्षा के बाद उठा आग का गोला। पत्रिका

Vayushakti 2024: दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वायु सेनाओं में से एक भारतीय वायुसेना ने वायुशक्ति युद्धाभ्यास-2024 में प्रहारक व रक्षात्मक क्षमता के जरिए एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इसके साथ ही समूची दुनिया ने वैमानिकी में हिन्दुस्तान की श्रेष्ठता की पताका को लहराते देखा। जिले की चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में शनिवार को आयोजित डे-नाइट के युद्धाभ्यास वायुशक्ति-2024 में वायुसेना के 120 से ज्यादा लड़ाकू, युद्धक व परिवहन विमानों ने 1 घंटा 53 मिनट तक मारक, युद्धक व प्रहारक क्षमता दिखाई। सूरतगढ़, जोधपुर, फलोदी, नाल व उत्तरलाई एयरबेस से आए विमानों ने यहां बनाए गए ‘आतंकी ठिकानों’ पर सटीक निशाने साधकर उन्हें तबाह कर दिया। आसमान से लगातार बमों की बारिश से फायरिंग रेंज थर्राती रही।

हवा में इशारों में उड़े विमान
चिनूक हेलीकॉप्टर ने युद्ध के समय व आपात अपाचे स्थिति में राहत पहुंचाने के अलावा कम ऊंचाई से हमले करने का जलवा दिखाया। लड़ाकू विमान रफाल और पहली बार ही बार शामिल लड़ाकू हेलिकॉप्टर अपाचे ने अपना जलवा दिखाया। आकाशवीरों ने हवा में विमानों को अपने इशारों में उड़ाते हुए आक्रामकता व रक्षात्मकता का जीवंत प्रदर्शन किया।

हवा की ताकत : दुनिया ने देखा दम
युद्धाभ्यास वायुशक्ति-2024 में भारतीय वायुसेना के रण कौशल, युद्धक अभियान और जवाबी कार्रवाई का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। विमानों से भीषण बमबारी में उठते रेत के गुबार के बीच बड़ी चालाकी से इशारों पर विमान को कलाबाजियां कराते आकाशवीरों ने बेहतरीन युद्ध कौशल का परिचय दिया। उद्देश्य था कोई भी समय हो दुश्मन को हमले का जवाब मिले फौलादी अंदाज में। चाहे समय सुबह हो, या दोपहर का, शाम हो या फिर रात का। अग्रिम पंक्ति के सुपरसोनिक लड़ाकू विमान रफाल, सुखाई-30, एमआई-17 और तेजस के साथ जगुआर, मिग-29, मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने अचूक निशाने साधकर दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों को नष्ट किया। इसी तरह सी-130, रफाल, अपाचे हेलीकॉप्टर, सी-17ए चिनूक हेलीकॉप्टर, स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचण्ड, चेतक, एलसीएच भी युद्धाभ्यास का हिस्सा बने। युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायु सेना की प्रगति यात्रा, कठोर प्रशिक्षण और नए बदलाव को पेश किया गया।

युद्धाभ्यास में यह रहा खास

- वायुशक्ति युद्धाभ्यास में पहली बाद लड़ाकू विमान रफाल और लड़ाकू हेलीकॉप्टर चिनूक व प्रचंड नजर आए।
- कठोर प्रशिक्षण व तकनीकी का उन्नत संस्करण रहा आकर्षण का केन्द्र।
- देश में विकसित एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम, सुखोई-30, मिराज-2000 की रही भागीदारी।
- मिसाइल प्रणाली और हवा निर्देशित हथियारों का प्रदर्शन भी हुआ।
- खोज और बचाव अभियान में भारतीय वायुसेना के हेलिकाप्टरों का शानदार सिमुलेशन।
- स्वदेशी तकनीकी से निर्मित तेजस ने दुश्मनों का काल्पनिक कन्ट्रोल सिस्टम को नष्ट किया।
- सुखोई ने शत्रु के मुख्यालय का किया सफाया, गरुड़ कमांडों ने पूर्ण किया सर्च ऑपरेशन।

Updated on:
18 Feb 2024 11:33 am
Published on:
18 Feb 2024 08:37 am