- कलमबंद असहयोग आंदोलन के तहत करेंगे प्रशासन गांवों के संग का बहिष्कार
पोकरण. राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के आह्वान पर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायत समिति सांकड़ा क्षेत्र के सभी ग्राम विकास अधिकारी शुक्रवार से कलमबंद असहयोग आंदोलन शुरू करेंगे। जिसको लेकर गुरुवार को ग्राम विकास अधिकारियों ने विकास अधिकारी को सामुहिक अवकाश प्रार्थना पत्र सुपुर्द किया है। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष चौथाराम भील, जिला प्रतिनिधि गुलाबसिंह, ब्लॉक मंत्री मोतीराम सहित ग्राम विकास अधिकारियों ने गुरुवार को विकास अधिकारी गौतम चौधरी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सुपुर्द किया। उन्होंने बताया कि संघ की ओर से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गत तीन वर्षों से संघर्ष किया जा रहा है। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है। जिसके अंतर्गत 1 अक्टूबर शुक्रवार से सभी ग्राम विकास अधिकारी कलमबंद असहयोग आंदोलन के तहत मांगे पूरी नहीं होने तक सामुुहिक अवकाश पर रहेंगे तथा पंचायत समिति मुख्यालय पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही प्रशासन गांवों के संग अभियान सहित सरकार के किसी भी गतिविधि एवं कार्यों में भाग नहीं लेंगे तथा शासन एवं सरकार का पूर्ण असहयोग करेंगे। इस मौके पर पृथ्वीसिंह, चित्रकेतूसिंह, सुरेन्द्रसिंह, भानुमति, रेंवतीलाल, विनोद चौधरी, मूलसिंह, सुरेश पालीवाल, सतीश पालीवाल, पदमराज आदि उपस्थित रहे।
ये है प्रमुख मांगे
संघ के ब्लॉक अध्यक्ष चौथाराम भील ने बताया कि पांचवें व छठे वेतनमान की विसंगति को दूर करने, सातवें वेतन आयोग की स्वीकृति दिलाने, 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति का वेतनमान दिलाने, बहुआयामी भत्ते एवं विशेष कार्य भत्ते को विशेष वेतन में परिवर्तित कर मूल वेतन का 10 प्रतिशत करने, निष्पक्ष एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाने, विधिक त्रुटि के कारण अन्य जिलों में पदस्थापित सैंकड़ों वीडीओ को एकबारीय शिथिलन प्रदान कर स्वैच्छिक जिला कैडर परिवर्तन की अनुमति दिलाने, वीडीओ संवर्ग के स्वीकृत पदों के पांच प्रतिशत लिव रिजर्व पद सृजित करने, दो वर्षों से प्रक्रियाधीन भर्ती को शीघ्र पूर्ण करवाने, तृतीय पदोन्नति के लिए ग्रामीण विकास सेवा में 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने का समझोते के अनुसार कार्रवाई करने, 745 सहायक विकास अधिकारियों के नवीन पद सृजित करने, वीडीओ की पांच वर्षों से लंबित पदोन्नति करने, 2008 से लंबित लिफाफा बंद प्रकरणों का निस्तारण करने, वीएस व्यास समिति की अनुशंसा की पालना में प्रत्येक चार ग्राम पंचायतों के समूह पर कलस्टर मुख्यालय का गठन करने, सहायक विकास अधिकारी को प्रशासनिक अधिकारी का दायित्व प्रदान करने, कलस्टर मुख्यालय पर कार्मिकों की नियुक्ति करने, उपखंड कार्यालय में सहायक विकास अधिकारी का पद सृजित करने, मंत्री मंडलीय उपसमिति की सिफारिश के अनुसार डीआरडीए कार्मिकों को ग्राम विकास अधिकारी पद पर पुनर्नियुक्ति तिथि से समायोजित कर नियमित वेतन शृंखला दिलाने, चार वर्षों से लंबित सेवानिवृजित परिलाभ दिलाने, शासन एवं राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संगठन के बीच हुए समझोतों पर बनी सहमति के आदेश प्रसारित करवाने सहित अन्य मांगों को लेकर संघर्ष किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।