
जैसलमेर. लंंबे समय से निकाय चुनाव का इंतजार कर रहे जैसलमेरवासियों के लिए बुधवार को चुनावी तस्वीर साफ हो गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 शहरी निकायों में चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। मतगणना एवं परिणाम 14 सितंबर को घोषित होंगे। जैसलमेर नगरपरिषद में पहले और पोकरण नगरपालिका के लिए दूसरे चरण में मतदान होगा। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही संबंधित निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। ऐसे में अब जैसलमेर और पोकरण नगरीय क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां तेज होने के साथ दावेदारों की सक्रियता भी बढऩी तय है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव की अधिसूचना 27 अगस्त को जारी होगी और इसी के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन पत्र दाखिल करने और उनकी जांच के बाद प्रत्याशियों को 3 सितंबर तक नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा। इसके बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। जैसलमेर नगरपरिषद के वार्डों में आरक्षण की स्थिति पहले ही तय हो चुकी है, ऐसे में अब राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों का पूरा फोकस टिकट वितरण, जनसंपर्क और चुनावी रणनीति पर रहेगा।
आयोग ने निकाय चुनाव के लिए दो चरण निर्धारित किए हैं। मतदान के बाद 14 सितंबर को मतगणना कर चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। परिणाम सामने आने के साथ ही नगरपरिषद के नए बोर्ड के गठन की तस्वीर भी साफ हो जाएगी। पार्षदों के चुनाव परिणाम के बाद नगर निकाय प्रमुख के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होगी। जैसलमेर नगरपरिषद सभापति और पोकरण नगरपालिका में अध्यक्ष के चुनाव 21 सितंबर को होंगे। इसके अगले दिन 22 तारीख को क्रमश: उपसभापति और उपाध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा
- 45 वार्ड जैसलमेर नगरपरिषद में
- 35,157 मतदाता जैसलमेर शहरी क्षेत्र में
- 25 वार्ड पोकरण नगरपालिका में
- 17,198 मतदाता पोकरण नगरपालिका क्षेत्र में
जैसलमेर. एसबीके राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य श्याम सुंदर मीणा के निर्देशन में निर्वाचन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक और मतदाता जागरूकता गीत प्रस्तुत कर आमजन को मतदान के महत्त्व के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित करना था। महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मतदान का महत्त्व, मतदाता की जिम्मेदारी, निष्पक्ष और निर्भीक मतदान तथा लोकतंत्र में प्रत्येक मत की भूमिका को प्रभावी ढंग से दर्शाया। इसके बाद गड़ीसर चौराहे पर भी नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जहां स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने उत्साह से कार्यक्रम देखा।