जैसलमेर

jaisalmer: रामदेवरा में जलापूर्ति के दावे फेल, कहीं दो तो कहीं पांच दिन से पानी का इंतजार

रामदेवरा में कहने को तो घरों में नल कनेक्शन हैं, लेकिन दो से पांच दिनों के लंबे अंतराल के बाद हो रही जलापूर्ति ने जलदाय विभाग के दावों की पोल खोल दी है। पानी की निश्चित समय सारणी न होने से परेशान ग्रामीणों को मजबूरन महंगे दामों पर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वहीं विभागीय अधिकारी इस पूरी किल्लत का कारण बिजली कटौती और भंडारण की कमी को बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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Updated: 23 Oct 2026, 8:34 PM IST
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रामदेवरा क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट।

रामदेवरा. घरों में नल कनेक्शन हैं, लेकिन जरूरत के वक्त पानी नहीं मिल रहा। कहीं दो दिन तो कहीं पांच दिन तक जलापूर्ति का इंतजार करना पड़ रहा है। रामदेवरा में पेयजल व्यवस्था की यही हकीकत जलदाय विभाग के एक दिन छोड़कर सप्लाई के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। नियमित पानी नहीं मिलने से लोगों को निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। यानी नलों से मिलने वाले पानी की कमी अब जेब पर भी भारी पड़ रही है। कस्बे में पेयजल संकट केवल सप्लाई के अंतराल तक सीमित नहीं है। लोगों की परेशानी यह भी है कि पानी नहीं आने पर अगली सप्लाई कब होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। ऐसे में घरों की जरूरतों के लिए वैकल्पिक इंतजाम करना मजबूरी बन गया है। दूसरी ओर, विभागीय अधिकारियों के जवाब बिजली कटौती और पानी के भंडारण की कमी की ओर इशारा कर रहे हैं।

दावे और हकीकत के बीच फंसे वार्डवासी

जलदाय विभाग का दावा है कि रामदेवरा में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन कई वार्डों में यह व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आ रही। कहीं दो तो कहीं पांच दिन तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे विभाग के निर्धारित आपूर्ति अंतराल और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर साफ दिखाई देता है। नियमित सप्लाई नहीं मिलने से लोगों को घरेलू जरूरतों के लिए पानी का इंतजाम खुद करना पड़ रहा है।

बिजली कटौती के साथ स्टोरेज की कमी भी चुनौती

जलदाय विभाग की कनिष्ठ अभियंता सरिता मेघवाल के अनुसार, नाचना की तरफ बिजली कटौती के कारण पानी की सप्लाई बंद रही। पर्याप्त स्टोरेज नहीं होने से गुरुवार को रामदेवरा के कई वार्डों में पानी नहीं पहुंच सका। उनके मुताबिक, पानी का भंडारण उपलब्ध होने पर ही सप्लाई दी जा सकेगी। इस स्थिति में बिजली कटौती के दौरान उपलब्ध पानी का भंडारण और उसका नियोजित वितरण महत्वपूर्ण हो जाता है।

टैंकरों पर खर्च, लोगों की जेब पर दोहरी मार

नियमित जलापूर्ति नहीं होने से निजी टैंकरों पर निर्भरता बढ़ रही है। लोगों को अपनी जरूरत के पानी के लिए अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है। इससे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है। नल कनेक्शन होने के बावजूद टैंकरों से पानी खरीदने की मजबूरी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है। लोगों की मांग है कि निर्धारित अंतराल पर पर्याप्त पानी पहुंचाया जाए और सप्लाई बाधित होने पर स्पष्ट जानकारी दी जाए। जलदाय विभाग की कनिष्ठ अभियंता सरिता मेघवाल ने बिजली कटौती और स्टोरेज की कमी को गुरुवार को सप्लाई बाधित होने का कारण बताया। वहीं, पोकरण के सहायक अभियंता आशीष सिंह ने कहा कि रामदेवरा में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। यदि किसी क्षेत्र में सप्लाई की समस्या है, तो इसकी जानकारी लेकर स्थिति का पता लगाया जाएगा।

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23 Oct 2026, 8:34 PM IST
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