
अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, पोकरण
पोकरण। सरकारी स्वीकृति के तीन साल बाद भी पोकरण में डामर सड़कों का निर्माण अधूरा है। वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 20 किलोमीटर सड़कों में से करीब आठ किलोमीटर का ही निर्माण हो पाया है, जबकि शेष 12 किलोमीटर की सड़कों पर काम शुरू तक नहीं हुआ। नतीजतन, क्षतिग्रस्त सड़कों से आवागमन करने वाले कस्बेवासियों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। निर्माण में देरी के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से सार्वजनिक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
राज्य सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में नगरीय क्षेत्रों में डामर सड़कों के निर्माण की योजना स्वीकृत की थी। इसके तहत पोकरण में अलग-अलग वर्षों में सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली। वर्ष 2023-24 में कस्बे की 46 सड़कों के लिए 20 किलोमीटर की स्वीकृति दी गई थी। इनमें से करीब 16 सड़कों के आठ किलोमीटर हिस्से का निर्माण पूरा हुआ है। शेष 30 सड़कों के 12 किलोमीटर हिस्से का काम तीन साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है।
सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपी गई थी। इसके बावजूद काम की धीमी रफ्तार और लंबित सड़कों को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई। विभागीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गत सितंबर में कार्यकारी एजेंसी को नोटिस दिया गया था। इसके अलावा निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि स्वीकृत काम समय पर पूरा नहीं होने की जिम्मेदारी किसकी है और लंबित सड़कों का निर्माण कब शुरू होगा।
20 किलोमीटर: स्वीकृत सड़क निर्माण की कुल लंबाई
46 सड़कें: वर्ष 2023-24 में मिली थी स्वीकृति
8 किलोमीटर: अब तक हुआ निर्माण
12 किलोमीटर: निर्माण कार्य शेष
30 सड़कें: जिनका निर्माण शुरू नहीं हुआ
फोटो कैप्शन: पोकरण में स्वीकृति के तीन साल बाद भी अधूरी पड़ी डामर सड़कों का निर्माण।
सड़कों को तीन साल पहले स्वीकृति मिली थी। उन्होंने कहा कि पूर्व में क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है, क्योंकि उन्होंने कुछ महीने पहले ही कार्यभार संभाला है। गत सितंबर में कार्यकारी एजेंसी को नोटिस दिया गया था। आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- पंकज सैनी, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, पोकरण
Updated on:
21 Oct 2026 08:44 pm
Published on:
21 Oct 2026 08:44 pm
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