
जैसलमेर/पोकरण. पोकरण क्षेत्र के बाशिंदों को गत दस वर्षों से फिर से मरु महोत्सव के आयोजन का इंतजार है। गौरतलब है कि जैसलमेर में प्रतिवर्ष मरु मेले का आयोजन किया जाता है। पोकरण में भी मरु महोत्सव के आयोजन की रूपरेखा बनाई गई थी। वर्ष 2008 व 2009 में पोकरण मरु महोत्सव मनाया गया तथा पोकरण व लोहारकी में दो दिन तक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके बाद से अब तक फिर कभी मरु महोत्सव का आयोजन नहीं हो पाया।पोकरण में मरु महोत्सव का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य पोकरण को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना था। पोकरण विकास संस्थान पोविस के सहयोग से यहां के पर्यटन स्थलों की चित्रशाला तैयार की गई तथा यहां पर्यटन उद्योग को बढ़ाने तथा पोकरण को विश्व पर्यटन मानचित्र पर दर्शाने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन पोकरण मरु महोत्सव का आयोजन बंद हो जाने से ये प्रयास कागजोंं में ही दबे रह गए।
दो वर्ष तक हुआ आयोजन
-वर्ष 2008 में विधायक के प्रयासों से पर्यटन विभाग से बजट आवंटित करवाकर दो दिन तक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
-एक दिन पोकरण तथा दूसरे दिन लोहारकी के मखमली रेत के धोरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
-वर्ष 2009 में भी दो दिन तक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
-इसके बाद नगरपालिका की ओर से 2010 में अपने स्तर पर कार्यक्रम आयोजन की घोषणा की गई, लेकिन 2010 में नगरपालिका चुनाव को देखते हुए कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।
-ऐसे में पोविस की ओर से एक दिन छोटा कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन बजट की कमी से भव्य आयोजन नहीं हो पाया।
पोकरण के प्रमुख पर्यटन स्थल
- पोकरण फोर्ट
- कलात्मक छतरियां
- कैलाश टेकरी
- विभिन्न देवीय मंदिर
- जैन मंदिर
- शक्तिस्थल
- सालमसागर व रामदेवसर तालाब
- कलात्मक लाल पत्थर से निर्मित हवेलियां
अगले वर्ष करेंगे प्रयास
पोकरण मरु महोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री व पर्यटन विभाग से बातचीत की जा रही है। समय का अभाव होने के कारण इस वर्ष मरु मेले से पूर्व आयोजन करना मुश्किल है। अगले वर्ष मरु मेले से पूर्व पोकरण मरु महोत्सव का आयोजन करने का प्रयास किया जाएगा।
सालेह मोहम्मद, विधायक पोकरण व अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण विभाग मंत्री