- जल जीवन मिशन का किया शिलान्यास, पंचायत कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू
पोकरण. राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण विभाग के मंत्री व पोकरण विधायक शाले मोहम्मद ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर परियोजना लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। वर्षों पूर्व लोग कुंओं, बावडिय़ों से पानी लेने जाया करते थे। इंदिरा गांधी नहर आने के बाद यह स्थिति अब देखने को नहीं मिलती। इसी कड़ी में सरकार की ओर से अब जल जीवन मिशन की शुरुआत की गई है। जिसके अंतर्गत ग्रामीणों को जीएलआर तक जाने की भी अब जरुरत नहीं रहेगी। प्रत्येक घर तक जल कनेक्शन किया जाएगा और ग्रामीणों को घर बैठे मीठा पानी उपलब्ध हो सकेगा। मंत्री शाले मोहम्मद ने मंगलवार को पोकरण विधानसभा क्षेत्र के नहरी क्षेत्र में स्थित भारेवाला गांव में जल जीवन मिशन का शिलान्यास करते हुए कहा कि मिशन के तहत सरकार की ओर से करोड़ों रुपए की धनराशि खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांवों में बड़े स्वच्छ जलाशयों का निर्माण करवाकर घरों तक पाइपलाइन लगाई जाएगी और नल कनेक्शन दिए जाएंगे। जिससे पेयजल किल्लत से भी राहत मिलेगी। इसी प्रकार उन्होंने शेखों का तला में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से गत वर्ष पंचायतों का पुनर्गठन किया गया तथा नियमों में शिथिलताएं देते हुए सीमावर्ती जैसलमेर जिले में दर्जनों पंचायतें बनाई गई। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास होगा। अतिरिक्त बजट मिलने से ग्रामीणों को नई सुविधाएं मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ अर्जित करने का आह्वान किया।
योजना व पंचायत का किया शिलान्यास
भारेवाला में मंत्री शाले मोहम्मद ने जल जीवन मिशन का शुभारंभ करते हुए स्वच्छ जलाशय के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इस मौके पर नाचना प्रधान अर्जुनराम मेघवाल, सरपंच जमीला खातुन, जीवणखां भारेवाला, तहसीलदार बंटी राजपूत, जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता पराग स्वामी सहित लोग उपस्थित रहे। भारेवाला गांव में मदरसा फैज-ए-गोशिया का भी शिलान्यास किया गया। इसी प्रकार उन्होंने शेखों का तला में ग्राम पंचायत भवन का शिलान्यास किया।
की जनसुनवाई, अधिकारियों को किया निर्देशित
मंत्री शाले मोहम्मद मंगलवार को पोकरण विधानसभा के नहरी क्षेत्र के दौरे पर रहे। मंत्री ने भारेवाला, शेखों का तला, चिन्नू आदि गांवों का दौरा किया। इस दौरान गांवों में जनसुनवाई की। ग्रामीणों ने पानी, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा, सड़क, रोजगार आदि समस्याओं से अवगत करवाया। जिस पर मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के निराकरण के लिए निर्देशित किया।