
जैसलमेर. स्वर्णनगरी में नगरपरिषद चुनाव को लेकर चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब शहर के वार्डों में चुनावी सरगर्मियां चरम पर हैं। शुरुआती 1 से 15 वार्डों के राजनीतिक परिदृश्य पर नजर डालें तो कहीं दोनों प्रमुख दलों में आमने-सामने की भिड़ंत है, तो कहीं बागियों और निर्दलीयों की भरमार ने मुख्य दलों के प्रत्याशी और रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है।
वार्ड 1 : इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी के सामने पार्टी के ही बागी उम्मीदवार ने कड़ा मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। आकार के लिहाज से सबसे बड़े इस वार्ड में बागी के मैदान में डटे रहने से वोट बैंक बंटने का सीधा खतरा मंडरा रहा है।
वार्ड 2 : यहां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के बीच सीधी भिड़ंत है। कच्ची बस्ती वाले इस वार्ड में दोनों दल अपनी पारंपरिक साख के दम पर जीत का दावा ठोक रहे हैं।
वार्ड 3 : भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के समीकरण एक निर्दलीय उम्मीदवार बिगाड़ता दिख रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्दलीय प्रत्याशी की मजबूत पकड़ और जनाधार ने दोनों दलीय उम्मीदवारों के पसीने छुड़ा दिए हैं।
वार्ड 4 : चुनावी चौसर पर यहां 2 दलीय (भाजपा-कांग्रेस) और 2 निर्दलीय उम्मीदवार आमने-सामने हैं। चार प्रत्याशियों की मौजूदगी के चलते हर एक वोट निर्णायक साबित होने के आसार है।
वार्ड 5 : वार्ड का सियासी मिजाज बिल्कुल साफ है। यहां दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच सीधी और कांटे की टक्कर बनी हुई है। यहां मुकाबला सीधे तौर पर उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्रभाव पर आ टिका है।
वार्ड 6 : यहां दलों के 2 उम्मीदवारों के अलावा 4 निर्दलीय प्रत्याशी भी ताल ठोक रहे हैं। कुल 6 उम्मीदवारों के मैदान में होने से वोटों में बिखराव तय माना जा रहा है, जिससे परिणाम चौंकाने वाले आ सकते हैं।
वार्ड 7 : इस वार्ड में 2 दलीय उम्मीदवारों के साथ 2 निर्दलीय मैदान में डटे हुए हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से मुकाबला पूरी तरह बहुकोणीय हो गया है।
वार्ड 8 : वार्ड में मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के मैदान में उतरने से त्रिकोणीय बन चुका है।
वार्ड 9 : यहां 2 प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को 3 निर्दलीय उम्मीदवारों से कड़ी चुनौती मिल रही है। वार्ड के जातीय और मोहल्ला स्तरीय वोट बैंक में स्पष्ट बंटवारा देखा जा रहा है।
वार्ड 10 : इस वार्ड में 2 दलीय प्रत्याशियों के मुकाबले में 6 निर्दलीय उम्मीदवारों ने उतरकर चुनावी माहौल गरमा दिया है। आधा दर्जन निर्दलीयों की मौजूदगी के चलते जीत का मार्जिन कम रहने की संभावना जताई जा रही है।
वार्ड 11 : वार्ड में भाजपा, कांग्रेस व रालोपा के साथ 2 निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी रण में हैं। प्रत्याशी अपने पारिवारिक और स्थानीय संपर्कों के जरिए एक-एक वोट जुटाने के लिए माइक्रो-मैनेजमेंट में जुट गए हैं।
वार्ड 12 : इस वार्ड में भी चुनावी लड़ाई काफी उलझ चुकी है। 2 दलीय प्रत्याशियों के साथ 6 निर्दलीय मैदान में खड़े हैं। इतनी बड़ी संख्या में निर्दलीयों के होने से मुख्य दलों के रणनीतिकार गणित बैठाने में मशक्कत कर रहे हैं।
वार्ड 13 : भाजपा-कांग्रेस के 2 दलीय प्रत्याशियों के अलावा 4 निर्दलीय उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। स्थानीय विकास के मुद्दों से ज्यादा यहां व्यक्तिगत संबंध और मोहल्ले की राजनीति हावी दिख रही है।
वार्ड 14 : वार्ड 14 की स्थिति काफी रोचक बनी हुई है। यहां 2 दलीय उम्मीदवारों के साथ भाजपा के बागी सहित 5 निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं। मतदाताओं की चुप्पी ने दोनों प्रमुख दलों की बेचैनी बढ़ा दी है।
वार्ड 15 : वार्ड में 2 दलीय प्रत्याशियों के सामने 2 निर्दलीय उम्मीदवार चुनौती पेश कर रहे हैं। यह मुकाबला अंतिम दौर के जनसंपर्क और व्यक्तिगत पकड़ से तय होता नजर आ रहा है।