-पर्यटन व्यवसायियों के माथे पर गहरी हो रही चिंता की लकीरें-10 सितम्बर के बाद स्थितियां स्पष्ट होने के लगाए जा रहे कयास
जैसलमेर. मध्य मार्च के बाद से कोरोना के चलते ठप पड़े जैसलमेर के पर्यटन व्यवसाय को लेकर आशंकाओं के बादल छंटने के स्थान पर और गहरा गए हैं। राजस्थान के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों माउंट आबू, कुंभलगढ़, उदयपुर आदि में देशी सैलानियों की अच्छी आवक होना शुरू हो गई है, लेकिन वे जैसलमेर नहीं पहुंच रहे हैं। गत वीकेंड पर माउंट आबू आदि में तो सभी होटलें हाउसफुल हो गई थी, जबकि जैसलमेर में आज भी ज्यादातर होटलों पर ताले ही लटक रहे हैं। जुलाई के बाद अगस्त माह भी लगभग खत्म होने को है और वर्तमान में जैसलमेर में गिनती के लोग ही घूमने पहुंच रहे हैं। पर्यटन से जुड़े लोगों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। अब उनकी नजरें अगले महीने पर है। माना जा रहा है कि 10 सितम्बर तक भी अगर सैलानियों के आने का सिलसिला नहीं बना तो पूरे सीजन पर सवालिया निशान लग जाएगा।
यह हैं बड़े कारण
पर्यटनविदों की मानें तो अगस्त.सितम्बर के महीनों में जैसलमेर आने वाले अधिकांश देशी सैलानी रामदेवरा और तनोटराय देवी के दर्शनार्थी हुआ करते हैं। कोरोना की वजह से इन दोनों ही प्रसिद्ध मंदिरों को अभी खोला नहीं गया है। रामदेवरा का मेला भी इस बार आयोजित नहीं हुआ। हर साल इस मेले में लाखों की तादाद में दर्शनार्थी जुटते हैं। उनमें से कई जने 120 किलोमीटर का सफर तय कर जैसलमेर घूमने भी पहुंचते रहे हैं। इस बार ऐसा नहीं हुआ। इसी तरह से सीमा पर स्थित तनोटराय मंदिर के प्रति लोगों की आस्था बहुत बढ़ चुकी है और राजस्थान भर से यहां लोग दर्शनार्थ पहुंचते रहे हैं। इसके अलावा जैसलमेर के बड़े होटलों की ओर से सैलानियों को आकर्षित करने के लिए आक्रामक शैली में प्रचार भी नहीं किया है। सम के रिसोट्र्स पर तो लगभग ताले लटक रहे हैं। इन सबके साथ जैसलमेर आने के लिए रेल और हवाई यात्रा की सुविधा भी सैलानियों के लिए फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।
धार्मिक स्थलों के ताले खुलने से उम्मीद
इस बीच राज्य सरकार ने आगामी सात सितम्बर से सभी धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्णय ले लिया है। जिससे पर्यटन व्यवसायियों के चेहरों पर अब उम्मीद की चमक दिखाई दी है। उनका कहना है कि रामदेवरा व तनोटराय मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खुलेंगे तो पर्यटन व्यवसाय में जान आना शुरू हो जाएगी। वैसे वे यह प्रार्थना भी कर रहे हैं कि जैसलमेर में कोरोना का प्रसार ज्यादा न हो। जिससे सैलानियों को यहां आकर घूमना सुरक्षित लगे। जहां तक विदेशी पर्यटन का सवाल हैए उसके आगामी समय में शुरू होने की संभावनाएं बहुत कम हैं। मौजूदा समय में करीब 40.50 लोग ही जैसलमेर घूमने आ रहे हैं। शनिवार.रविवार को उनकी संख्या बमुश्किल 200 तक पहुंच पाती है। इन आगंतुकों में भी पारिवारिक लोग बमुश्किल 20 फीसदी तक ही हैं। अधिकांश युवा ही दोस्तों के साथ घूमने आ रहे हैं।
मदद करे सरकार
जैसलमेर में पर्यटन व्यवसाय को फिर से पटरी पर लाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार को भी मदद करनी चाहिए। जल्द से जल्द यातायात के सभी साधन बहाल हो और कोरोना के कारण लगाई अधिकतम पाबंदियां हटाई जाएं।
. पुष्पेन्द्र व्यास, रिसोर्ट व्यवसायी
कुछ तो भरपाई हो
कोरोना ने पर्यटन व्यवसाय का शायद सबसे अधिक नुकसान किया है। अब भी सितम्बर से अगर सैलानियों की आवक शुरू हो जाए तो लोगों को रोजगार मिल सकता है और व्यापक नुकसान की थोड़ी भरपाई होगी।
. मेघराज परिहार, होटल व्यवसायी