Husband Wife Commit Suicide: एक ही घर से दो अर्थियां साथ उठीं। पति-पत्नी ने एक साथ सुसाइड कर लिया। 6 महीने की मासूम इस दौरान रोती रही। जानिए पूरा मामला क्या है?
Husband Wife Commit Suicide: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। ग्राम बिरिया खुर्द में एक दंपती ने आपसी विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना के दौरान उनकी महज 6 महीने की मासूम बेटी घर में ही मौजूद थी, जो अपने माता-पिता को इस हालत में देख रोती रही।
मृतक विवेक कुमार (23) पेशे से मजदूर था। उसने करीब 3 साल पहले गोहन क्षेत्र की रहने वाली साधना से प्रेम विवाह किया था। दोनों अपनी छोटी सी दुनिया में अपनी छह महीने की बेटी काव्या के साथ जीवन बिता रहे थे। हालांकि, समय के साथ उनके रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा था।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर बाहर जाकर काम करने को लेकर विवाद होता था। साधना चाहती थी कि विवेक बड़े शहर में जाकर रोजगार तलाशे, जबकि विवेक गांव में रहकर ही काम करना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बना रहता था।
सोमवार शाम को घटना के समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। विवेक के पिता रामप्रसाद और उसके भाई सूरज और चंद्रपाल मजदूरी पर गए हुए थे, जबकि मां भी किसी काम से गांव में बाहर गई हुई थी। इसी दौरान रात करीब 8 बजे टिनशेड के कमरे में दोनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया। बताया जा रहा है कि विवेक ने अपनी पत्नी के स्टोल से और साधना ने अपनी साड़ी से बांस-बल्ली के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी।
घटना के बाद घर में मौजूद छह महीने की बच्ची काव्या अपने माता-पिता के शवों के पास भूखी-प्यासी रोती रही। उसकी लगातार चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग सतर्क हुए और मौके पर पहुंचे। जब ग्रामीणों ने कमरे में झांका, तो वहां का दृश्य देख हर कोई सन्न रह गया—दोनों के शव लटके हुए थे और नीचे मासूम बच्ची बिलख रही थी।
घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान संजय तोमर और परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस को भी सूचित किया गया। मंगलवार को जब एक ही घर से पति-पत्नी की अर्थियां उठीं, तो पूरे गांव में मातम छा गया। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध नजर आए।
बताया जा रहा है कि विवेक के दूसरी जाति का होने के कारण साधना के मायके वालों ने इस विवाह को स्वीकार नहीं किया था। इसी वजह से उनका आना-जाना और संपर्क लगभग खत्म हो गया था। साधना अपने ससुराल तक ही सीमित रह गई थी, जिससे वह मानसिक रूप से भी अकेलापन महसूस कर रही थी।