
उत्तर प्रदेश बोर्ड के 12वीं के नतीजे घोषित होने के बाद पूरे प्रदेश में कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है। इसी बीच जालौन जिले के रेढ़र थाना क्षेत्र के सुलखना गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। परीक्षा में मन मुताबिक परिणाम न आने से आहत होकर 18 साल की एक छात्रा ने घर में अकेले होने पर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, सुलखना गांव निवासी राजबहादुर जाटव की बेटी राधा गंभीर सिंह इंटर कॉलेज, छिरिया सलेमपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी। गुरुवार शाम को यूपी बोर्ड का रिजल्ट आया। शुक्रवार को राधा घर पर अकेली थी। पिता किसी काम से कोंच गए थे, मां पड़ोस में एक शोक सभा में थीं और भाई शिवम भी घर से बाहर था। राधा ने जब अपना रिजल्ट चेक किया तो वह बायोलॉजी ग्रुप के तीन विषयों में पास नहीं हो पाई थी। रिजल्ट देखकर वह काफी परेशान हो गई। अकेलेपन और तनाव के चलते उसने कमरे के अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
कुछ देर बाद राधा की सहेलियां उससे मिलने और रिजल्ट के बारे में बात करने घर पहुंचीं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांका। अंदर का नजारा देखकर सभी सहम गईं। उन्होंने देखा कि राधा फंदे से लटक रही थी। जिसे देखकर सहेलियां घबरा गई और शोर मचाकर आसपास के लोगों और परिजनों को बुलाया। सूचना मिलते ही रेढ़र थाना प्रभारी अभिनेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जरूरी कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पिता राजबहादुर का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि राधा पढ़ने में काफी अच्छी थी। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि रिजल्ट के डर से उनकी बेटी इतना बड़ा कदम उठा लेगी। वहीं कॉलेज के प्रधानाचार्य गजेंद्र सिंह ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को समझाना जरूरी है कि एक परीक्षा ही जिंदगी नहीं होती।
Updated on:
24 Apr 2026 06:30 pm
Published on:
24 Apr 2026 05:13 pm
बड़ी खबरें
View Allजालौन
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
