Sterilization Negligence in Jalaun: डकोर क्षेत्र की महिला ने नसबंदी ऑपरेशन के बावजूद बच्चा होने का आरोप लगाया है। महिला ने जिलाधिकारी से जांच, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और शासन नीति के तहत मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जालौन के डकोर क्षेत्र से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है।डकोर निवासी एक महिला ने नसबंदी ऑपरेशन के बावजूद बच्चा होने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है। महिला ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने के साथ-साथ शासन की नीति के अनुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सीएचसी में कराया था नसबंदी का ऑपरेशन -
पीड़िता महिला के अनुसार वर्ष 2023 में उसने परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत सीएचसी डकोर में नसबंदी ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद उसे यह भरोसा दिलाया गया था कि अब गर्भधारण की कोई संभावना नहीं है। इसी विश्वास के साथ वह अपने पारिवारिक जीवन में सामान्य रूप से आगे बढ़ी। लेकिन वर्ष 2024 में उसे गर्भधारण होने की जानकारी मिली, जिससे वह और उसका परिवार स्तब्ध रह गया। महिला का कहना है कि सभी चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का पालन करने के बावजूद उसका गर्भवती होना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। बाद में उसने एक बच्चे को जन्म दिया। इस अप्रत्याशित स्थिति के चलते उसे आर्थिक, शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और एक अतिरिक्त बच्चे की जिम्मेदारी ने मुश्किलें और बढ़ा दीं।
सही तरीके से नहीं किया गया ऑपरेशन -
महिला का आरोप है कि यदि ऑपरेशन सही तरीके से किया गया होता तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। उसने कहा कि नसबंदी जैसे संवेदनशील ऑपरेशन में जरा-सी चूक भी महिला के पूरे जीवन को प्रभावित कर सकती है। महिला ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए,दोषी चिकित्सक या कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और सरकारी नियमों के तहत उसे उचित मुआवजा दिलाया जाए।
क्या हुआ डीएम -
वही पूरे मामले को लेकर डीएम जालौन ने बताया कि जांच सीएमओ को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।