पंचायत समिति की दुकानों का लंबे समय से बकाया चल रहा किराया
आहोर. पंचायत समिति की ओर से निजी आय को बढ़ाने एवं लोगों को रोजगार सुलभ करवाने को लेकर निर्मित की गई दुकानों का लंबे समय से गड़बड़झाला बना हुआ है। समिति प्रशासन की अनदेखी व उदासीनता के चलते इन दुकानों का करीब डेढ़ करोड़ का किराया बकाया चल रहा है। इधर, समिति प्रशासन किराया राशि वसूलने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यहीं कारण है कि दुकानदार बेपरवाह बने हुए है तथा बकाया किराया राशि दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इससे समिति प्रशासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। दरअसल, पंचायत समिति परिसर में आहोर-तखतगढ़ मार्ग की तरफ वर्ष 1998-99 में करीब 10 दुकानों का निर्माण करवाया गया था। इसके बाद भी गत वर्षों अन्य दुकानों का निर्माण करवाया गया। वर्तमान में पंचायत समिति की 51 दुकानें बनीं हुई है। सभी दुकान वर्तमान में संचालित हो रही है। इन दुकानों में दुकानदार अलग-अलग व्यवसाय कर रहे है। इन दुकानों को लेकर गड़बड़झाला बना हुआ है। आलम यह है कि कई दुकानदार किराया राशि समिति में जमा नहीं करवा रहे है। जिसके चलते दुकानों का करीब डेढ़ करोड़ का किराया बकाया चल रहा है। इधर, समिति प्रशासन की अनदेखी व उदासीनता की वजह से न तो समिति प्रशासन द्वारा इसकी वसूली को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और न ही दुकानदार बकाया राशि जमा करवाने को लेकर गंभीर है। जिसके चलते बकाया किराया राशि दिनों दिन बढ़ती जा रही है तथा समिति प्रशासन को हर माह राजस्व का नुकसान हो रहा है।
नियमों की अनदेखी
पंचायत समिति की दुकानों को लेकर निर्धारित नियमों की कतही पालना नहीं हो रही है। नियमानुसार तीन साल बाद दुकानदार की ओर से दुकान खाली करने का प्रावधान है अगर दुकानदार दुकान खाली नहीं करता है तो २० प्रतिशत की दर से किराया बढ़ाने का प्रावधान है। इसकी बिल्कुल पालना नहीं हो रही है।
एवजी चला रहे दुकान
समिति रेकर्ड में जिन दुकानदारों के नाम से दुकानें आवंटित है, असल में उनमें से अधिकांश दुकानदार अपनी दुकानों में व्यवसाय नहीं कर रहे है। उनकी दुकानों में अन्य लोग ही व्यवसाय कर रहे है। समिति के आवंटित अधिकतर दुकानदारों ने अपनी मनमर्जी से अपनी दुकानों को अन्य लोगों को किराए पर दे रखी है तथा इनसे किराया वसूल रहे है। जबकि वे किराया राशि समिति में जमा नहीं करवा रहे है।
6 से 13 हजार किराया
पंचायत समिति की दुकानों का किराया प्रति माह करीब ६००० से १३००० रुपए तक है। ५१ दुकानों में से मात्र ३-४ दुकानदार ही नियमानुसार प्रति माह किराया राशि जमा करवा रहे है। इन दुकानों के किराएदारों द्वारा बकाया किराया जमा नहीं करवाया जा रहा है। हालांकि समिति प्रशासन की ओर से समय-समय पर दुकानदारों को नोटिस जारी किए जाते है, इसके बावजूद बकाया किराया जमा नहीं करवाया जा रहा है।
सख्त कार्रवाई करेंगे
समय-समय पर दुकानदारों को नोटिस दिए जा रहे है। बैठक आयोजित कर बकाया किराया राशि जमा करवाने के निर्देश भी दिए गए है। बावजूद दुकानदारों की ओर से बकाया किराया राशि समिति में जमा नहीं करवाई जा रही है। बकाया किराया वसूली एवं नियमों की पालना को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-इन्द्रसिंह राजपुरोहित, बीडीओ, आहोर