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स्वर्णनगरी के हनुमान चौराहा का कायाकल्प शुरू, 47 फीट ऊंचा क्लॉक टावर बनेगा

जैसलमेर शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख हनुमान चौराहा का अब कायाकल्प कार्य शुरू हो गया है। नगरपरिषद की ओर से इस चौराहे पर 47 फीट ऊंचा आकर्षक क्लॉक टावर बनाने के साथ-साथ पूरे सर्कल क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

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जैसलमेर शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख हनुमान चौराहा का अब कायाकल्प कार्य शुरू हो गया है। नगरपरिषद की ओर से इस चौराहे पर 47 फीट ऊंचा आकर्षक क्लॉक टावर बनाने के साथ-साथ पूरे सर्कल क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। करीब 91 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना के तहत चौराहे को नया स्वरूप देने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में सर्कल के चारों तरफ लगी पत्थर की रैलिंग आदि को हटा दिया गया है। हनुमान चौराहा शहर के मुख्य यातायात केंद्रों में प्रमुख है, जहां दिनभर वाहनों का भारी दबाव बना रहता है। ऐसे में यहां क्लॉक टावर के निर्माण के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारू बनाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि नए डिजाइन के जरिए यातायात का प्रवाह बेहतर होगा और जाम की समस्या में भी कमी आएगी।

सौंदर्यीकरण के साथ बढ़ेगी पहचान

परियोजना के तहत चौराहे पर 47 फीट ऊंचा क्लॉक टावर बनाया जाएगा, जो शहर की नई पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा। जिम्मेदारों का कहना है कि यह चौराहा पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनेगा और शहर की सुंदरता में इजाफा करेगा। खास बात यह है कि निर्माण में स्थानीय स्थापत्य शैली को भी ध्यान में रखा जाएगा, जिससे यह टावर जैसलमेर की पहचान के अनुरूप दिखाई दे। हनुमान चौराहा पर अक्सर लगने वाले जाम को देखते हुए वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए नई रूपरेखा तैयार की जा रही है।

आकार को लेकर उठे विरोध के स्वर

हालांकि इस परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में विरोध के स्वर भी उभरने लगे हैं। कुछ व्यापारियों और जागरुक लोगों का कहना है कि चौराहे का आकार यदि कम नहीं किया गया तो पहले की भांति ही ट्रैफिक की समस्या रहेगी। उनका तर्क है कि पहले से ही भीड़भाड़ वाले इस क्षेत्र में बड़े ढांचे के निर्माण से आवागमन प्रभावित होगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चौराहे के डिजाइन को अंतिम रूप देने से पहले विशेषज्ञों की राय ली जाए।

10 गुणा 10 वर्गफीट की संरचना होगी

गौरतलब है कि नगरपरिषद ने विगत अर्से के दौरान हनुमान चौराहा के सौंदर्यीकरण और विकास कार्य के लिए 90.86 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की थी। सर्कल पर जैसलमेरी पत्थर से निर्मित 47 फीट ऊंचा क्लॉक टावर स्थापित किया जाएगा, जो 10 गुना 10 वर्ग फीट संरचना पर खड़ा होगा और चारों ओर 30 मीटर डायामीटर का विस्तृत सर्किल तैयार किया जाएगा। पूरा निर्माण जैसलमेरी पीले पत्थर से होगा, ताकि शहर की पारंपरिक पहचान नए रूप में उभर सके।

जैसलमेर की पहचान भी हनुमान चौराहा

हनुमान चौराहा पिछले वर्षों के दौरान अपनी लोकेशन के कारण जैसलमेर की पहचान बन चुका है। यहां शहर के कई प्रमुख मार्ग निकलते हैं। कुछ ही दूरी पर जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट तथा शहर का सबसे बड़ा उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित है। इस मार्ग से रोजाना हजारों नागरिक, व्यापारी और पर्यटक गुजरते हैं। सर्कल की टूटी रेलिंग, धूल से भरा प्लेटफॉर्म और निष्क्रिय फव्वारे क्षेत्र की पहचान को फीका कर रहे थे। साथ ही, सर्कल का बड़ा आकार यातायात में अव्यवस्था बढ़ा रहा था।

हनुमान चौराहा का कार्य शुरू

हनुमान चौराहा शहर का सबसे अहम सर्कल है। यहां होने वाले विकास कार्य से शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था दोनों में सुधार आएगा। इसके आकार को पहले के मुकाबले कम किया जाएगा ताकि यातायात व्यवस्था में सुधार आए।

-लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर