सीसी सडक़ों व इण्टरलोकिंग ब्लॉकों की होगी गुणवत्ता जांच, पंचायत समिति स्तर पर लगेगी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला, गुणवत्ता युक्त होगा निर्माण कार्य
भीनमाल. पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से विभिन्न मद में होने वाले सीसी सडक़ों व इण्टरलोकिक ब्लॉक के निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा। अगर सीसी सडक़ व इण्टरलोकिक ब्लॉक निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने पर उनका भुगतान नहीं होगा। सडक़ों की गुणवत्ता जांच के लिए पंचायत समिति मुख्यालय पर गुण नियंत्रक प्रयोगशाला लगेगी। पंचायत समिति मुख्यालय पर करीब एक लाख 94 हजार 8 00 रुपए की लागत से गुणवत्ता जांच की प्रयोगशाला लगेगी। इसके लिए पंचायत समिति मुख्यालय पर उपकरण पहुंच गए है। शीघ्र ही प्रयोगशाला शुरू होगी। दरअसल, साल भर पूर्व पंचायत राज विभाग की ओर से विभिन्न मदों में होने वाले सीसी सडक़ व निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जंाच करने के लिए निर्देश दिए थे। ऐसे में पंचायत राज विभाग को सडक़ों की गुणवत्ता जांच के लिए नमूने जिला मुख्यालय पर सार्वजनिक निर्माण विभाग की प्रयोगशाला में भेजने पड़ते है। ऐसे में पंचायत राज विभाग की ओर से गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
सीसी व इण्टरलोकिंग ब्लॉक की होगी जांच
पंचायत राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में विभाग की ओर से बनने वाली सडक़ व इण्टरलोकिग ब्लॉक की गुणवत्ता जांच जिला मुख्यालय पर सार्वजनिक निर्माण विभाग पर होती है, वहां पर जिले भर के नमूने जाने से जांच रिपोर्ट मिलने में देरी होती है। ऐसे में कई कार्य पूर्ण होने के बाद भी पूर्र्णतया प्रमाण-पत्र नहीं मिल पाते है। अब पंचायत समिति स्तर पर जांच होने से कार्य गति से होंगे। सहायक अभियंता सोहम स्वरूप शर्मा ने बताया कि जांच के लिए कोर कटर मशीन व कंप्रेसिव स्ट्रैन्थ की जांच होगी।
उपकरण खरीद लिए
पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग में सीसी सडक़ों व इण्टरलोकिक ब्लॉक के गुणवत्ता की जांच यहां पर होगी। इसके लिए उपकरण खरीद लिए है। जांच में निर्माण कार्य निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने पर ठेकेदार का भुगतान नहीं किया जाएगा।
राकेश पुरोहित, विकास अधिकारी, पंचायत समिति-भीनमाल