
सांचौर. पाश्र्वशांति धाम जैन तीर्थ प्रतापपुरा में गुरूवार सवेरे करीब दस बजे लगी भीषण आग ने जमकर तांडव मचाया। वहीं आग बुझाने के लिए प्रशासन के इंतजामों की पोल खुल कर सामने आई। सांचौर नगरपालिका की दमकल के सहारे आग बुझाने के प्रयास फेल साबित हुए। लगातार चल रही तेज हवा की बदौलत आग भी बढ़ती जा रही थी। ऐसे में स्थानीय सहित भीनमाल व बाड़मेर से की दमकलों से मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन तब तक आग की भयावहता ने सबकुछ तबाह कर दिया। करीब 50 हजार वर्ग फीट में 8 करोड़ की लागत से बन रहा म्यूजियम सांचौर की शान था। आग से म्यूजियम में बन रही कई मूर्तियां व जैन समाज की अमूल्य धरोहर भी जलकर नष्ट हो गई। आग की भयावहता का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि इससे उठ रहा धुआं आस पास के चार किमी तक के क्षेत्र में फैल गया। चारों ओर धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। जिससे लोगों का दम घुटने लगा। आग से निकलने वाली लपटें और धुएं के गुबार छह किमी दूर से आसानी से नजर आ रहे थे। एनएच से सटे इस मंदिर में लगी आग से वाहनचालकों के लिए हाईवे को पार करना भी मुश्किल हो गया। जिस पर हाइवे का आवागमन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। वहीं आर्मी रोड से वाया पलादर ट्राफिक डायवर्ट किया गया। जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार लग गई। आग की सूचना पर सांचौर एएसपी बींजाराम मीणा, डीएसपी फाऊलाल मीणा, पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी, सांचौर थाना प्रभारी सुखाराम बिश्नोई, एसडीएम राजेन्द्रकुमार डागा, पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश मेहता, पालिका उपाध्यक्ष दिलीप राठी, नारायण चौधरी, मितेश चौधरी, लालचंद तलेसरा व केवलचंद बोहरा सहित कई जने पहुंचे।
ऐसे चला घटनाक्रम...
9.00 बजे आग लगी
9.18 तक शॉर्ट सर्किट समझ आग बुझा दी गई
9.30 बजे फिर शॉर्ट सर्किट से फायबर व लकड़ी ने आग पकड़ ली
10.00 बजे आग ने भीषण रूप ले लिया
10.48 बजे नगरपालिका की दमकल पहुंची
11.15 बजे पानी खत्म होने पर फिर दमकल रवाना हुई
12.03 बजे फिर पहुंची दमकल और आग बुझाने का प्रयास किया
12.52 बजे भीनमाल से दमकल पहुंची
1.34 बजे बाड़मेर से दमकल पहुंची
चार घंटों में पाया काबू
पाश्र्वशांति धाम में लगी आग के बाद स्थानीय सहित बाड़मेर और भीनमाल की तीन दमकलों ने मिलकर करीब चार घंटे बाद काबू पाया। सांचौर पलिका की दमकल आग बुझाने के बजाय पानी लाने-ले जाने में व्यस्त रही। इस दौरान शहर से पानी के टैंकर भी मंगवाए गए। जिनकी मदद से आग पर काबू पाया जा सका।
8 करोड़ का खर्च...
करीब 50 हजार वर्ग फीट में बन रही जैन आर्ट गैलरी एशिया की पहली आर्ट गैलेरी बताई जा रही है। एक साल से इसका कार्य चल रहा था और इसमें 250 बंगाली आर्टिस्टों ने बारीक कलाकृतियां की थी। इस तीर्थ में सांचौर के प्रवासी शांतिलाल सिंघवी ने भारत की सबसे सुंदर और पहली आर्ट गैलेरी को म्यूजियम सिटी के नाम से संजोया था। इसके अलावा यहां बच्चों के लिए झूले व भ्रमण सहित अन्य सुविधाएं भी की गई थीं। ये आमजन व पर्यटकों के लिए निशुल्क थी। आगामी दो अगस्त को इसका उद्घाटन होना था।
इनका कहना है...
आग लगने की सूचना पर पुलिस जाब्ते के साथ हम मौके पर पहुंच गए थे। आग की भयावहता से इस पर काबू पाने में दिक्कत आ रही थी। इस पर भीनमाल व बाड़मेर से भी दमकल बुलाई गई।
- बींजाराम मीणा, एएसपी, सांचौर