
धर्मेन्द्र रामावत
जालोर. नगर परिषद में नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने व फर्जी दस्तावेज पेश कर पट्टे लेने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सभापति समेत तत्कालीन 6 कार्मिकों और 8 पट्टाधारियों के विरुद्ध मामले दर्ज किए हैं।
गौरतलब है कि एसीबी की ओर से नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने के मामले में नगरपरिषद से जांच के लिए पत्रावलियां तलब की गई थी। इन पत्रावलियों की गहनता से जांच के बाद एसीबी की ओर से गत २७ अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर प्रकरण जयपुर भेजा था।
जिसके बाद जालोर नगरपरिषद के तत्कालीन आयुक्त सुमेरपुर निवासी शंकरलाल गेहलोत पुत्र खीमाराम माली, एईएन महेश राजपुरोहित पुत्र चतुर्भज राजपुरोहित निवासी पुराड़ा, नगरपरिषद सभापति भंवरलाल पुत्र मंगलाराम माली, तत्कालीन भूमि शाखा प्रभारी माणकचंद नवल पुत्र अन्नराम जटिया, तत्कालीन भूमि शाखा प्रभारी (संविदाकर्मी) गोकुलवाड़ी शिवगंज निवासी शरदकुमार पुत्र डूंगाराम चौहान, सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार (संविदा पर लगे नगरपरिषद के तत्कालीन तकनीकी अधिकारी) मोहनलाल पुत्र हिम्मताराम माली निवासी शास्त्री नगर जालोर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पट्टे प्राप्त करने वाले वीरम नगर निवासी शेरू खां पुत्र बरकत खान, मुस्ताक खां पुत्र बरकत खान, चामुण्डा माता मंदिर निवासी कांतादेवी पत्नी महेद्रकुमार जैन, शांता देवी पत्नी गौतमचंद, शांतिदेवी पत्नी रामलाल माली निवासी शास्त्री नगर, केशाराम पुत्र रतनाराम माली निवासी तासखाना बावड़ी, सुरेशकुमार पुत्र वागाराम माली निवासी हेड पोस्ट ऑफिस रोड व शिवाजी नगर के पीछे निवासी एक अन्य महिला के खिलाफ एसीबी ने मामला दर्ज किया है।
जांच के दौरान... इन पट्टों में मिली गड़बड़ी
एसीबी की ओर से की गई जांच के दौरान शहर के भीनमाल रोड पर वीरम नगर के पास आवासीय भूमि नियमन के दो, चामुण्डा माता मंदिर के पास स्थित ४ भूखण्डों के नियमन के पट्टे, शिवाजी नगर के पीछे स्थित भूखण्ड के नियमन, भीनमाल रोड पर धर्मकांटे के सामने जारी नियमन के दो पट्टों की पत्रावलियों में गड़बड़ी मिली। ऐसे में प्रथम दृष्टया ६ अधिकारियों-कर्मचारियों व 8 पट्टाधारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।
जांच में ये मिली गड़बडिय़ां
एसीबी की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आवासीय भूमि नियमन के मामले में कांतादेवी सोलंकी पत्नी महेंद्रकुमार की ओर से किए गए आवेदन के तहत चामुण्डा माता मंदिर के पास ६० गुणा १२० वर्गफीट के खरीदे गए प्लॉट के लिए दो अलग-अलग ३० गुणा १२० व ३० गुणा १२० की पत्रावली नियमन के लिए पेश की गई। दोनों ही प्लॉट खरीदे गए थे, जबकि खरीदे गए भूखण्ड का नियमन नहीं किया जा सकता। इसके अलवा सर्वे टीम के मुताबिक तिलक द्वार के अंदर अखाड़ा वाली गली में आवेदनकर्ता का रहवास बताया गया है। इसके बावजूद नियमन कर पट्टे दिए गए जो नियम विरुद्ध है।
गड़बड़ी ऐसी कि... रहवास के बावजूद दिए नियमन के पट्टे
एसीबी की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आवासीय भूमि नियमन के मामले में कांतादेवी सोलंकी पत्नी महेंद्रकुमार की ओर से किए गए आवेदन के तहत चामुण्डा माता मंदिर के पास 60 गुणा 120 वर्गफीट के खरीदे गए प्लॉट के लिए दो अलग-अलग 30 गुणा 120 व 30 गुणा 120 की पत्रावली नियमन के लिए पेश की गई। दोनों ही प्लॉट खरीदे गए थे, जबकि खरीदे गए भूखण्ड का नियमन नहीं किया जा सकता। इसके अलवा सर्वे टीम के मुताबिक तिलक द्वार के अंदर अखाड़ा वाली गली में आवेदनकर्ता का रहवास बताया गया है। इसके बावजूद नियमन कर पट्टे दिए गए जो नियम विरुद्ध है।
परिषद को 16 लाख का आर्थिक नुकसान
प्राथमिक जांच में एसीबी के समक्ष इन सभी पत्रावलियों के लिए अधिकारियों की ओर से जमा की गई राशि में भी गड़बड़ी सामने आई है। अधिकारियों व कार्मिकों की मिलीभगत से राशि की कम गणना कर परिषद को करीब 16 लाख 24 हजार 712 रुपए का आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया गया है।