
जालोर/ चितलवाना। चितलवाना क्षेत्र में सेसावा गांव में कार में दो विवाहिताओं के जिंदा जलने का मामला पुलिस पड़ताल में हत्या का निकला। पुलिस ने शक के आधार पर विवाहिताओं के पति दीपाराम प्रजापत से पूछताछ की, तो मामले का खुलासा हो गया। पूछताछ में दीपाराम ने दोनों पत्नियों से परेशान होकर वारदात को अंजाम देना कबूल किया। वारदात को अंजाम देने के लिए उसने पालनपुर से दो लीटर पेट्रोल खरीदा था।
पुलिस के अनुसार दीपाराम ने पूछताछ में बताया कि वह दोनों पत्नियों से परेशान था। मंगलवार को उन्हें कार में अपने साथ ले जा रहा था। इस दौरान सेसावा के निकट उसने अपनी कार रोककर उसे लॉक कर दिया और उसके बाद पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे दोनों विवाहिताएं गंभीर रूप से झुलस गई और इसके बाद दोनों की मौत हो गई।
पहली थी मंदबुद्धि, दूसरी से हुई लव मेरिज
दीपाराम ने दो शादियां कर रखी थी। पहली पत्नी मंदबुद्धि थी। दीपाराम कमठा मजदूर था। करीब 7 साल पूर्व उसने दौली उर्फ दरिया से शादी की, जबकि दस साल पूर्व उसने मालू से शादी की थी। पिछले करीब तीन साल से वह अपनी दूसरी पत्नी दौली के साथ पालनपुर में ही रह रहा था।
पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि उसकी दूसरी पत्नी से भी अनबन हुई। जिस पर उसने उसे मारने की साजिश रची और दो दिन पूर्व ही 16 दिसम्बर को वह पालनपुर से सेसावा आया। इससे पूर्व उसने पालनपुर से 2 लीटर पेट्रोल भी खरीदा, जिसका उपयोग उसने दोनों पत्नियों को मारने के लिए किया।
दो प्लान, एक काम आया
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि परेशान दीपाराम ने दोनों को मारने का प्लान बनाया और उन्हें खरीददारी का झांसा देकर अपने साथ ले लिया। इस दौरान भी आपस में अनबन हुई। लेकिन, बाद में वह उसे गहने की खरीदारी का झांसा देकर अपने साथ ले गया। आगे उसने दोनों को जिंदा जला दिया। एक दिन पहले दीपाराम दोनों पत्नियों को लेकर चौहटन में सुईयां मेले के दर्शन करवाकर लाया था।
पहले से थी प्लानिंग
पुलिस की पूछताछ में बताया कि पालनपुर में रहते हुए भी दूसरी पत्नी दौली के साथ उसका झगड़ा होता रहता था। दौली नहीं चाहती थी कि वह अपनी पहली पत्नी से व्यवहार रखे। दीपाराम की पहली पत्नी दीपाराम की माता के साथ ही सेसावा में ही रह रही थी। इन सभी हालातों से परेशान होकर पालनपुर से घर आने से पहले ही दोनो पत्नियों को मारने की प्लानिंग बना ली थी।
दो बार हुआ पीएम
महिलाओं की मौत के बाद मंगलवार को एक बार उनका पोस्टमार्टम हो गया था, लेकिन मामला संदेहास्पद लगने पर फिर से बुधवार को सांचौर के सीएचसी में मेडिकल बोर्ड द्वारा पीएम करवाया गया।
नहीं किया बचाने का प्रयास
कार में आग की घटना के दौरान वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन दीपाराम ने उन्हें बचाने के लिए किसी तरह का प्रयास नहीं किया, जिससे भी पुलिस को शक गहराया। इस मामले में गांव के लोगों ने पानी लाकर आग को बुझाया।
वारदात कबूली
आरोपित दीपाराम ने वारदात कबूल की है। प्रकरण की विभिन्न स्तर पर जांच जारी है।आरोपित ने पत्नियों से परेशान होकर वारदात को अंजाम देना कबूल किया है।
- चिमनाराम, जांच अधिकारी, चितलवाना