
जालोर. जालोर-आहोर रेलवे क्रॉसिंग फिलहाल यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए आफत साबित हो रही है। बार बार क्रॉसिंग बंद होने से इस हिस्से को पार करना ही चुनौती से कम नहीं है। जब भी क्रॉसिंग बंद होती है तो दोनों और 100 मीटर से अधिक लंबी कतारें लग जाती है और क्रॉसिंग खुलने के बाद भी यहां यातायात व्यवस्था सुचारू होने में 10 मिनट लग जाते हैं और उसके कुछ ही देर बाद में फिर से क्रॉसिंग बंद होने पर वाहनों की कतार लग जाती है। दिनभर यही हालात बन रहते हैं। इस मार्ग पर पूर्व में अंडरब्रिज का प्रोजेक्ट भी था, लेकिन रेलवे ओवरब्रिज के चलते यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब न तो यहां आरओबी बन रहा है न ही अंडरब्रिज बन रहा है।
भविष्य में हालात और भी विकट होने की संभावना
इस रेल लाइन के विद्युतीकरण की स्वीकृति भी तीन साल पूर्व हो चुकी है और इसके लिए सर्वे भी हो चुका है। रेल लाइन इलेक्ट्रिक होने के साथ यहां ट्रेक पर ट्रेफिक और भी बढऩे की संभावना है। जिसके बाद यदि समय रहते रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हुआ तो क्रॉसिंग पर इंतजार और भी बढ़ेगा।
इनका कहना
साल दर साल रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी के लिए आश्वासन मिले, लेकिन इस समस्या का निदान नहीं हुआ। आरओबी नहीं बन रहा है, दूसरी तरफ गुड्स टे्रनों का संचालन बढ़ता जा रहा है।
- शांतिलाल प्रजापत, शहरवासी
जालोर शहर के लिए यह क्रॉसिंग अब तो एक प्रमुख समस्या बन चुका है। बार बार इस बारे में मांग भी उठ रही है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को यहां आरओबी के लिए प्रयास करने चाहिए।
- महिपालसिंह राजपुरोहित, अधिवक्ता
जालोर से गुजरते समय और जालोर में प्रवेश के दौरान यह क्रॉसिंग एक प्रमुख समस्या साबित हो रही है। इस क्रॉसिंग के चलते 20 से 30 मिनट का खराबा होता है। यहां ओवरब्रिज की सख्त आवश्यकता है
- हितेंद्रसिंह राठौड़, परिचालक
पिछले तीन साल से इस क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज को लेकर सुनते आ रहे हैं। आश्वासन ही मिल रहे हैं धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा। इस क्रॉसिंग के कारण वाहन चालकों को खासी दिक्कत होती है।
- कांतिलाल परमार, प्रवासी