बिना स्वीकृति खेजड़ी के आधे दर्जन वृक्ष काट दिए
हाड़ेचा. कस्बे के पास आमली गांव की सरहद में हाड़ेचा माइनर पर ठेकेदार की ओर से बिना स्वीकृति खेजड़ी के आधे दर्जन वृक्ष काट दिए गए। ऐसे में ग्रामीणों ने इसका विरोध जताते हुए चितलवाना तहसीलदार रणछोड़ लाल सोलंकी को ज्ञापन देकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि माइनर से नर्मदा की जमीन के बीच चल रहे कार्य के दौरान कोई रुकावट नहीं होने के बावजूद विलुप्त हो रहे खेजड़ी के वृक्षों की कटाई की जा रही थी। ऐसे में विरोध करने पर ठेकेदार ने रोब झाड़ते हुए आधे दर्जन वृक्ष काट दिए। बाद में ग्रामीणों ने पर्यावरण प्रेमी गंगाराम पूनिया के नेतृत्व में चितलवाना तहसीलदार को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार की ओर से खेजड़ी के वृक्ष काटे गए, जबकि माइनर के पास व बीच में कई जगह बबूल सहित अन्य झाडिय़ा उगी हुई हैं। इसके बावजू उनकी कटाई नहीं की गई।
कार्रवाई नहीं हुई तो देगे धरना...
ग्रामीणों ने हरे वृक्षों की कटाई को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन देकर कार्रवाई मांग की है।वहीं कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रर्दशन की चेतावनी दी है। इसके अलावा ग्रामीणों ने क्षेत्र में बिना स्वीकृति हरे वृक्षों की कटाई को रोकने की भी मांग की है।
इनका कहना है...
हाड़ेचा माइनर पर ठेकेदार की ओर से खेत में खड़े खेजड़ी के वृक्षों को बिना स्वीकृति काट कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया है। ऐसे में विलुप्त हो रहे इन खेजड़ी के वृक्षों को इस तरह काटना गलत है। तहसीलदार को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई है। कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देंगे।
-गंगाराम पूनिया, प्रदेश सचिव, अखिल भारतीय जीव रक्षा
ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर बिना स्वीकृति खेजड़ी के वृक्षों को काटने की शिकायत की है। इस बारे में भू-निरीक्षक को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
- रणछोड़लाल सोलंकी, तहसीलदार, चितलवाना