जालोर

‘डिस्कॉम सीमा विवाद : जालोर शहर को नहीं मिल रहा 5 दिन से पानीÓ

21 जून को नर्मदा परियोजना में क्लोजर के साथ ही फॉल्ट से ट्यूबवैलों से भी नहीं हो रही सप्लाई
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Jul 01, 2018
Narmda Water supply
Narmda Water supply disturbed in Jalore

फैक्ट फाइल
60 हजार की आबादी प्रभावित
60 लाख लीटर पानी की जरुरत
120 घंटे में भी नसीब नहीं हो रहा पेयजल
30 लीटर प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति भी नसीब नहीं हो रहा पानी
100 लीटर प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति होनी चाहिए सप्लाई
जालोर. डिस्कॉम की लापरवाही और बेपरवाही का सीधा असर जालोर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है और 5 दिन से जालोर शहर की सप्लाई चौपट हो चुकी है। मामला डिस्कॉम के अधिकारियों के सीमा विवाद से जुड़ा है और इसी विवाद के चलते डिस्कॉम के फीडर में फॉल्ट होने से जालोर तक पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। जानकारी के अनुसार जालोर से खानपुर तक का फीडर जालोर जेईएन के अंतर्गत आता है और इस फीडर पर फॉल्ट होने पर जिम्मेदारी इसी जेईएन के अंतर्गत है, लेकिन सांफाड़ा फीडर मांडवला जेईएन के अंतर्गत है। दो दिन पूर्व सांफाड़ा फीडर में फाल्ट हो गया और यहां से जलदाय विभाग के अधिकारियों ने मांडवला जेईएन से कई बार संपर्क करना चाहा, लेकिन फोन नो-रिप्लाई ही रहा और इस बेपरवाही के चलते 60 हजार की आबादी अभी पानी को तरस रही है। मामले में जलदाय विभाग की ओर से डिस्कॉम के एसई को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन उन्होंने भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
96 का शैड्यूल लेकिन पानी नसीबी नहीं 120 घंटों में
शहर के सभी भागों में लगभग 4 से 5 दिन से पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है। इस मामले में जलदाय विभाग का कहना है कि पिछले सप्ताहभर में मुख्य पेयजल स्रोत कुआबेर और उसके बाद सांफाड़ा में घंटों बिजली कटौती हुई। जिसके कारण पानी उपलब्ध नहीं हो रहा।ऐसे में जलापूर्ति प्रभावित हो चुकी है। इधर, 21 जून से नर्मदा परियोजना में क्लोजर के चलते यह आपूर्ति भी बंद हो चुकी है। जिसके चलते शहर में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से फिर से ट्यूबवैलों पर निर्भर हो चुकी है। पानी की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है।
कब कितने घंटे कटौती
मौसम में बदलाव के साथ ही डिस्कॉम की लापरवाही उजागर हो गई है। शुक्रवार रात 8 बजे से शनिवार सवेरे 9 बजे तक सांफाड़ा फीडर में फाल्ट होने से यहां पंपिंग प्रभावित रही, जिससे जालोर को पानी की सप्लाई नहीं हो पाई। इससे एक दिन पूर्व सवेरे 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक फॉल्ट के चलते कुआबेर में भी फॉल्ट के चलते सप्लाई चौपट हो गई।विभाग फिलहाल 96 घंटे में सप्लाई की बात कर रहा है, लेकिन हकीकत में यह शैड्यूल 120 घंटे तक पहुंच चुका है और कौन से क्षेत्र में कब पानी की सप्लाई हो पाएगी विभाग यह तक बताने की स्थिति में नहीं है।
पहले यह था
करीब एक दशक पूर्व भी फीडर के सीमा विवाद में यही हालात बन रहे थे। जलदाय विभाग की ओर से समस्या के बारे में डिस्कॉम के अधिकारियों को अवगत करवाया गया, चूंकि पेयजल जैसे मुद्दे से यह मामला जुड़ा था तो डिस्कॉम ने पूरा फीडर जालोर जेईएन के अंतर्गत कर दिया था, जिससे बेहतर कॉर्डिनेशन के साथ फॉल्ट होने की स्थिति में उसका समाधान भी हाथों हाथ हो जाता था, जिससे सप्लाई प्रभावित नहीं होती थी। वर्तमान हालात में भी यही व्यवस्था करने की जरुरत है, क्योंकि बारिश का मौसम है।
इनका कहना
बिजली कटौती के चलते पेयजल स्रोतों से पानी पर्याप्त नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण शहरी पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। नर्मदा परियोजना से भी पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
- जितेंद्र त्रिवेदी, एईएन, जलदाय विभाग

Published on:
01 Jul 2018 11:03 am