
जालोर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नेशनल हाईवे बायपास निर्माण के लिए डामर (बिटुमिन) उपलब्ध हो गया है। करीब 27 दिन के अंतराल के बाद डामर मिलने से रुका हुआ कार्य फिर गति पकड़ चुका है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि जून माह के दूसरे हफ्ते बाद 14 किलोमीटर लंबे बायपास को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे शहर के लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। जानकारी के अनुसार 5 मई को डामर की मांग भेजी गई थी, लेकिन युद्ध जैसे हालात और आपूर्ति प्रभावित होने के कारण समय पर सामग्री उपलब्ध नहीं हो सकी।
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अब बीपीसीएल वडोदरा (गुजरात) से 102 टन डामर की आपूर्ति हुई है, जिसके बाद स्टील आर्च ब्रिज सहित बकाया हिस्सों पर बीपीएम (डामर की पहली परत) बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। निर्माण एजेंसी के अनुसार अब अगले चरण में बीसी (बीटूुमिनस कंक्रीट/ कारपेट) का कार्य किया जाएगा। करीब 450 मीटर के कारपेट एरिया का काम जून के दूसरे सप्ताह तक पूरा होने का अनुमान है। इसके बाद बायपास को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
बायपास शुरू होने से भारी वाहनों का दबाव जालोर शहर के भीतर कम होगा। वर्तमान में नेशनल हाईवे का ट्रैफिक शहर से होकर गुजरने के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। बायपास शुरू होने पर वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और आवागमन सुगम होगा।
अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण के साथ-साथ रंग-रोगन, रोड मार्किंग, संकेतक बोर्ड, सुरक्षा व्यवस्थाएं और अन्य आवश्यक कार्य भी जून अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद परियोजना पूरी तरह संचालित स्थिति में आ जाएगी। परियोजना के पूर्ण होने से शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और स्थानीय लोगों को समय की बचत के साथ सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। निर्माण कार्य की गति वर्तमान में बढ़ी हुई है और संबंधित टीमें निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के प्रयास में जुटी हुई हैं। इससे बायपास शीघ्र चालू होने की उम्मीद और मजबूत हुई है।
डामर की उपलब्धता नहीं होने से काम रुका हुआ था। अब बकाया कार्य के लिए पर्याप्त डामर उपलब्ध हो चुका है। जून माह में ही बायपास हिस्से पर तमाम बकाया कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।