
जालोर. टोल रोड पर चलने के दाम चुकाने के बावजूद वाहन चालक परेशानी भुगत रहे हैं। सुविधा मिलना तो दूर सामान्य रूप से चलना भी मुश्किल हो रहा है। यह स्थिति भी टोल बूथ और शहर के बीच ही है। मोहनजी की प्याऊ के समीप सड़क पर जल भराव हो रहा है, लेकिन निकासी के कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में सड़क ने तलैया का रूप ले रखा है। कोई भारी वाहन निकल रहा हो तो दुपहिया वाहन चालक कीचड़ से सने बगैर आगे नहीं जा सकता। जल भराव के दौरान अक्सर हादसे का अंदेशा भी बना रहता है। सोमवार देर शाम को रीको एरिया में हुई बारिश के बाद यहां पानी भर चुका है, लेकिन टोल कंपनी इसकी निकासी करवाने में रुचि नहीं ले रही। पीडब्ल्यूडी भी इसमें उदासीनता बरत रही है, जिससे कंपनी प्रबंधन को शह मिल रही है।
टोल वसूली पूरी, सुविधाएं अधूरी
जालोर को भीनमाल व सिरोही, आबूरोड, अहमदाबाद से जोडऩे वाला मुख्य मार्ग होने के बावजूद इसकी समुचित देखभाल नहीं हो रही है। कंपनी प्रबंधन इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों से टोल जरूर वसूल रही है, लेकिन सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ऐसे में दूर-दराज के लिए सफर करने वाले वाहन चालक भारी मुसीबत झेल रहे हैं।
खतरे के बीच तय हो रहा सफर
वाहन चालक बताते हंै कि आसपास के गांवों एवं फैक्ट्रियों के लिए आवाजाही करने का भी यह मुख्य मार्ग है, लेकिन खतरे के बीच सफर करना पड़ रहा है। बीच में पानी का भराव रहने से कई बार पता ही नहीं चलता कि सड़क पर कितना गहरा गड्ढा है। ऐसे में आवाजाही मुश्किल हो रही है। दूर-दराज से आने वाले वाहन चालक इस अनजान मार्ग पर भारी परेशानी झेल रहे हैं।
अधिकारी बोले, भराव होता ही है
रीको एरिया में तीन दिन पहले बारिश हुई थी, जिसका पानी इस जमाव स्थल पर भरा हुआ है। लेकिन, टोल कंपनी ने इसकी निकासी के प्रबंध तक नहीं किए। उधर, सड़कों की मॉनिटरिंग रखने वाला सार्वजनिक निर्माण विभाग भी इससे उदासीन ही है। जिम्मेदार बताते हैं कि इस जगह पानी का भराव होता ही है। ठीक करवाएंगे।
गश्त में हो रही गंभीर चूक
टोल रोड पर समुचित सुविधा के लिए कंपनी को नियमित गश्त करनी चाहिए। सड़क के अवरोध हटाने की दिशा में कार्रवाई नहीं हो रही। गश्ती दल भ्रमण करता तो सड़क पर भरा पानी भी नजर आता। यदि गश्ती दल इसकी अनदेखी कर रहा है तब भी वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर यह गंभीर स्थिति ही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग भी शायद टोल कंपनी की मॉनिटरिंग पर ही निर्भर है, जिससे सख्त कदम नहीं उठ रहे।
देखना पड़ेगा...
इस जगह बरसाती पानी का भराव होता ही है। तीन दिन पहले उस क्षेत्र में बारिश हुई है इसकी जानकारी नहीं है देखना पड़ेगा।
- एसएल सुथार, एक्सइएन, पीडब्ल्यूडी, जालोर