
जालोर। मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क में करीब 15 साल से सक्रिय और एक लाख रुपए के इनामी कुख्यात तस्कर श्यामसुंदर उर्फ सांवराराम उर्फ सांवरिया को एएनटीएफ ने ऑपरेशन वंशीधर 2.0 के तहत जोधपुर से गिरफ्तार किया है। बाड़मेर के सेड़वा थाना क्षेत्र के सोमारड़ी निवासी 32 वर्षीय श्यामसुंदर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत मारपीट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित करीब 15 मामले दर्ज बताए गए हैं।
तस्करी के दौरान पुलिस से बचने के लिए नाकाबंदी तोड़ने और फायरिंग करने के मामले भी उसके खिलाफ सामने आए हैं। सिरोही के बाद जालोर के बागरा थाना क्षेत्र में भी उसने तस्करी के साथियों के साथ पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर फायरिंग की और फरार हो गया था। वह मादक पदार्थों से भरे वाहनों की एस्कोर्टिंग करता था और पुलिस की नाकाबंदी देखकर रास्ता बदलने या फायरिंग कर भागने से भी नहीं हिचकता था।
आईजीपी एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ ने पिछले दस महीनों में श्यामसुंदर को पकड़ने के लिए लगातार पीछा किया। दूसरी कार्रवाई सांचौर की इंद्रा कॉलोनी में हुई, जहां टीम को सूचना मिली थी कि श्यामसुंदर अपने तस्कर साथियों के मकान में ठहरा हुआ है। टीम ने गुप्त रूप से ठिकाने की पुष्टि की और दबिश दी। कार्रवाई में उसके साथी तो पकड़े गए, लेकिन श्यामसुंदर एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा।
इससे पहले एएनटीएफ टीम उसके एक रिश्तेदार की बारात में भी पहुंची थी, लेकिन भनक लगते ही वह वहां से निकल गया। तीसरी बार मणिपुर से मध्य प्रदेश होते हुए बारां के रास्ते जोधपुर आने की सूचना पर टीम ने पीछा किया। इस दौरान उसके साथी पकड़ में आ गए, लेकिन श्यामसुंदर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
जोधपुर रेंज की साइक्लोनर सेल ने वर्ष 2024 में भी श्यामसुंदर को मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पकड़ा था। जेल से बाहर आने के बाद उसने पुराने संपर्कों को फिर सक्रिय किया और दोबारा तस्करी के कारोबार में जुट गया। शुरुआत में राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा क्षेत्र से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला श्यामसुंदर बाद में अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ गया। वर्ष 2026 में जैसलमेर के एक तस्कर के जरिए उसका संपर्क मणिपुर के तस्करों से हुआ। इसके बाद मणिपुर और मिजोरम के आइजोल क्षेत्र से अफीम की बड़ी खेप मारवाड़ तक पहुंचाने लगा।
जांच में सामने आया कि श्यामसुंदर तस्करी के लिए मणिपुर जाकर वहां के कार बाजार से सेकंड हैंड कैंपर वाहन खरीदता था। इन्हीं वाहनों में मादक पदार्थ भरकर मध्य प्रदेश के रास्ते राजस्थान लाया जाता था। वह राजस्थान समेत करीब पांच राज्यों की पुलिस को चकमा देते हुए 30 से 60 किलो तक अफीम की बड़ी खेप पहुंचाने में सक्रिय था।
एएनटीएफ को सूचना मिली कि श्यामसुंदर बाड़मेर से कार में जोधपुर की ओर आ रहा है। टीम ने धवा के पास और बोरानाड़ा क्षेत्र में जाल बिछाया। संदिग्ध कार दिखाई देने पर टीम ने पीछा शुरू किया। श्यामसुंदर को पुलिस की भनक लगी तो उसने कई बार कार की रफ्तार कम कर टीम को आगे निकलने दिया और फिर खुद आगे निकलने का प्रयास किया। बोरानाड़ा सर्विस रोड पर टीम की मौजूदगी का अंदेशा होते ही उसने कार घुमाकर भागने का प्रयास किया। करीब 20 किलोमीटर तक पीछा चला। नारनाडी गांव के कच्चे रास्ते पर उसने पुलिस की कार को टक्कर मारी और वाहन छोड़कर बबूल व झाड़ियों की आड़ में पैदल भागने लगा। एएनटीएफ टीम ने भी पीछा जारी रखा और आखिरकार उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ श्यामसुंदर से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में मणिपुर से मध्य प्रदेश और राजस्थान तक फैले मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। टीम उसके सप्लायर, परिवहनकर्ताओं, पुराने संपर्कों और राजस्थान में खेप लेने वाले तस्करों के बारे में जानकारी जुटा रही है।