
जालोर. पुलिस लाइन में नगरपरिषद ठेकेदार द्वारा शुरू किए गए सीसी रोड निर्माण कार्य में बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है। अभी इस रोड के लिए ग्रेवल का काम चल रहा है। वहीं ठेकेदार द्वारा यहां बजरी के ढेर लगा दिए गए हैं, जो रोजाना घट बढ़ रहे हैं। मामला इसलिए खास है कि अभी तक पुलिस लाइन में सीसी रोड के लिए बजरी का उपयोग शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में यहां बड़े स्तर पर पहुंच रही बजरी का उपयोग कहां हो रहा है। साथ ही यहां बजरी का स्टॉक करने के बाद इस बजरी को कहां पहुंचाया जा रहा है। पूरा मामला बजरी के अवैध खनन से जुड़ा है और यहां बजरी का स्टॉक पुलिस की निगरानी में ही हो रहा है। यही नहीं यहां पर स्टॉक की गई बजरी ट्रेक्टरों में भरकर अन्य स्थानों पर भेजी जा रही है।
पुलिस की खुद की निगरानी
नगरपरिषद की ओर से करीब एक माह पूर्व सीसी रोड का काम स्वीकृत किया गया है। चूंकि बजरी की रोक है। ऐसे में यह मामला साफ है कि यहां पहुंची बजरी अवैध है, लेकिन पुलिस इसलिए मौन धारण किए हुए हैं कि यदि इसमें अड़चन डाली जाती है तो यह काम भी प्रभावित होता है। जिसके चलते पुलिस महकमा मौन धारण किए हुए हैं। इसी मजबूरी का फायदा ठेकेदार उठा रहा है।
आला अधिकारियों की नजरअंदाजी
आमतौर पर खनन विभाग अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों की बात करें तो जिलेभर में बहुत से ऐसे मामले हैं, जहां खनन विभाग से कई अधिक आगे बढ़कर पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की। जालोर की ही बात करें तो पुलिस ने इस तरह की कार्रवाई की, लेकिन पुलिस लाइन में लगे बजरी के ढेर के मामले में पुलिस महकमा मौन है। जबकि पुलिस लाइन में पुलिस के अधिकारियों की रोजाना आवाजाही रहती है। यही नहीं यह क्षेत्र सीधे तौर प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों की नजर में भी है।
अलसुबह और रात के अंधेरे में चल रहा काम
यह मामला गफलत का है और पुलिस भी समझ नहीं पा रही कि आखिर मामले में कार्रवाई करे तो कैसे। दूसरी तरफ जालोर शहर की ही बात करें तो जवाई नदी के अलग अलग छोर पर बजरी का अवैध खनन जोरों पर है। जवाई नदी के लेटा, भैंसवाड़ा, महेशपुरा, सामतीपुरा, बिशनगढ़, सायला, उम्मेदाबाद क्षेत्र में नदी से बड़ी मात्रा में बजरी का खनन किया जा रहा है। अधिकतर मौकों पर खनन रात के अंंधेरे में और अल सवेरे होता है, जिसके बाद ट्रेक्टरों और डंपरों में भरकर बजरी अलग अगल स्थानों तक पहुंच रही है। ऐसा नहीं है कि विभाग को इस बारे में पता नहीं है, लेकिन अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करते हुए विभाग पूरे मामले को अनदेखा कर रहा है। दूसरी तरफ इसका फायदा अवैध खनन करने वाले लोगों को मिल रहा है और धड़ल्ले से इसकी वसूली भी हो रही है।
इनका कहना
आमतौर पर सूचना या शिकायत पर ही अवैध खनन के मामलों में शिकायत होती है। इन मामलों में विशेष दल है, जिसमें राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग कार्रवाई करता है।
- गोरधनराम, खनिज अभियंता