राजस्थान के जालोर में हत्या के आरोप से बरी हुए पीड़ित को पंचों ने कहा कि हम लोग तुम्हें दोषी मानते हैं। ऐसे में 10 लाख रुपए का दंड लगा दिया गया।
राजस्थान के जालोर के भोरडा गांव में समाज के पंच पटेलों नेे एक परिवार से 10 लाख रुपए की मांग की और नहीं देने पर हुक्का पानी बंद करने का फरमान जारी किया। मामला भाद्राजून थाना क्षेत्र के भोरड गांव का है, जिसमें पीड़ित ने जरिए इस्तागासा मामला दर्ज करवाया।
पुलिस के अनुसार भोरड़ा निवासी हीराराम पुत्र सेलाराम चौधरी ने मामला दर्ज करवाया कि गांव के सरपंच बगदराम के घर पर समाज के पंच कानाराम, खुशालाराम, गुणेशाराम, जोगाराम, पन्नाराम, छोगाराम, अदरिंगाराम, नारायणलाल, राजाराम समेत अन्य एकत्र हुए। इस दौरान प्रार्थी व उसके भाई गणेशाराम को सुबह 10 से 11 बजे के बीच सरपंच के घर बुलाया।
साथ ही कहा तुम्हारे ऊपर मर्डर के आरोप लगे हुए है, जिस पर प्रार्थी ने कहा कि आरोप झूठे थे तथा न्यायालय ने बरी किया है, लेकिन समाज के पंच पटेलों ने कहा न्यायालय से तो बरी हो गए, लेकिन समाज में हम लोग तुम्हें दोषी मानते हैं। इस दौरान पंच पटेलों ने प्रार्थी पक्ष का हुक्का पानी बंद करने का फरमान जारी करते हुए समाज से बहिष्कृत कर दिया। इस दौरान 10 लाख रुपए का दंड भी लगाया गया। कहा कि जब तक 10 लाख रुपए नहीं दोगे समाज से बाहर रहोगेे।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पहले स्तर पर रिपोर्ट पेश करने थाने में प्रकरण दर्ज नहीं हुआ, जिस पर न्यायालय की शरण ली। 8 नवंबर 2024 के इस घटनाक्रम में आखिरकार 4 जनवरी 2025 को प्रकरण दर्ज हो पाया।
पीड़ित पक्ष ने समाज के 11 पंच पटेलों के खिलाफ समाज से बहिष्कृत करने का प्रकरण दर्ज करवाया है। मामले की जांच चल रही है।