
हैड पोस्ट ऑफिस रोड पर ब्लॉकेज निकालने में जुटी मशीनरी। फोटो- पत्रिका
जालोर। जालोर-बागरा फोरलेन प्रोजेक्ट की तमाम रुकावटें दूर होने के बाद अब कार्य में तेजी आ गई है। बागरा से जालोर के बीच 18 किलोमीटर मार्ग में से 7 किलोमीटर दायरे में डिवाइडर का निर्माण पूरा कर लिया गया है। शेष हिस्से में भी तेजी से काम किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जालोर-बागरा के 18 किलोमीटर मार्ग में धानपुर, औद्योगिक क्षेत्र और भागली क्षेत्र एक्सीडेंटल जोन के रूप में चिन्हित हैं।
मार्ग संकरा होने और वाहनों की आवाजाही अधिक रहने से हालात गंभीर बने हुए थे। इसी समस्या को देखते हुए ग्रेनाइट उद्यमियों ने मार्ग को फोरलेन में क्रमोन्नत करने की मांग की थी। इस पर पिछली कांग्रेस सरकार ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए 53.22 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की थी, लेकिन विभिन्न स्तरों पर अड़चनें आने से काम में देरी हुई। बाधाएं दूर होने के बाद अब कार्य प्रारंभ किया गया है।
औद्योगिक क्षेत्र तृतीय चरण से बागरा के बीच कार्य तेज गति से चल रहा है। इस हिस्से में 7 किलोमीटर तक डिवाइडर का निर्माण पूरा हो चुका है। इस कार्य को एक माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
भीनमाल तिराहा से औद्योगिक क्षेत्र तृतीय चरण तक करीब 5 किलोमीटर दायरे में 128 बिजली के पोल और टावर शिफ्ट नहीं होने के कारण कार्य अटका हुआ था। अब इनकी शिफ्टिंग के लिए टेंडर हो चुके हैं। शिफ्टिंग पूरी होते ही बकाया कार्य भी जल्द पूरा किया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र से लेकर बागरा तक मुख्य मार्ग के आसपास ग्रेनाइट इकाइयां स्थित हैं। ट्रक और ट्रेलरों के सीधे मुख्य मार्ग पर आने से रोकने के लिए डिवाइडर में दिए गए अनावश्यक कट पर लगाम लगाना जरूरी है, ताकि भारी वाहन केवल सर्विस रोड के माध्यम से ही सुरक्षा नियमों की पालना करते हुए मुख्य सड़क तक पहुंच सकें।
रात के समय वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए डिवाइडर वाले हिस्से में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी आवश्यक है। डिवाइडर निर्माण पूरा होने के बाद रोशनी के उचित इंतजाम से हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
जालोर-बागरा फोरलेन प्रोजेक्ट में फिलहाल डिवाइडर का कार्य चल रहा है। शेष बकाया कार्य भी जल्द पूरे किए जाएंगे, जिससे आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा।
Published on:
03 Feb 2026 06:16 pm

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