जालोर

विवाह के बाद डगमगा रहे कदम, नतीजा मौत

- जालोर में अवैध संबंधों के चलते हत्या के मामले बढ़ रहे है, विवाह के बाद अवैध संबंधों की परत खुलने पर होती है हत्या
2 min read
Aug 07, 2018
jalorenews
- जालोर में अवैध संबंधों के चलते हत्या के मामले बढ़ रहे है, विवाह के बाद अवैध संबंधों की परत खुलने पर होती है हत्या

विवाहेतर संबंध या मौत...
केस-1
18 मई को गुडा बालोतान निवासी रमेश मीणा की उसके मित्र नारायण ने पाली जिले में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या कर दी। हत्या का कारण नारायण का रमेश की पत्नी से अवैध संबंध था।
केस-2
1 अगस्त को रणोदर में लोक गायक मफाराम की हत्या हुई। शिनाख्त के बाद उसकी का मित्र प्रकाश और उसका सहयोगी मुन्नाराम ही हत्यारा निकाला। मफाराम के प्रकाश की पत्नी से अवैध संबंध के शक में यह हत्या हुई।
केस-3
सायला थाना क्षेत्र के आलवाड़ा के युवक की अवैध संबंधों के चलते हत्या की गई। अपहरण के बाद विवाहिता का पति समेत अन्य आरोपित महेंद्र का अपहरण कर अहमदाबाद ले गए और मारपीट के दौरान उसकी मौत हो गई।

जालोर. विश्वास, प्रेम और पति पत्नी के सामूहिक उत्तरदायित्व का रिश्ता है विवाह। पति पत्नी के परस्पर विश्वास की डोर पर ही पवित्र रिश्ता कायम रहता है, लेकिन हाल के घटनाक्रम में विवाह जैसे पवित्र रिश्ते के विश्वास को तोड़कर विवाहेतर संबंध कायम हो रहे हैं, जो रिश्तों के टूटने का कारण तो बन ही रहे हैं। साथ इन मामलों में हत्या तक हो रही है। जालोर जिले की ही बात करें तो पिछले 4 माह में तीन ऐसे बड़े घटनाक्रम हुए, जिसमें अवैध संबंधों में तीन युवकों की हत्याएं हुई। जब युवक-युवती अपनी पूरी जिन्दगी एक साथ बिताने का फैसला लेते है, तब उन दोनों के बीच का विश्वास ही उनके रिश्तें को जोड़े रखने की सबसे मुख्य कड़ी का काम करता हैं पर आज के इस व्यस्त दौर में वह भरोसा ही खत्म होता जा रहा हैं, और विश्वास की कमी के चलते शादी को बनाए रख पाना बहुत मुश्किल होता जा रहा हैं। इन सब बातों में एक चीज जो सबसे बुरी हो रही हैं वह ये हैं कि लोग शादीशुदा होते हुए भी अपने अकेलेपन को खत्म करने के लिए शादी के बाहर संबंध बना रहे हैं।
अवैध संबंध के मामले में अपराधी पुरुष ही
भारतीय दंड संहिता की धारा 497 (जारकर्म) के अनुसार एक विवाहित पुरुष और महिला (जो पति पत्नी नहीं है) के बीच के यौन संबंध को अवैध संबंध माना गया है। अवैध यौन संबंध के मामले में पुरुष को कानून के अंतर्गत अपराधी माना जाएगा, लेकिन महिला को नहीं। इस सम्बन्ध को अपराध इसलिए माना गया है ताकि विवाह का पवित्र रिश्ता सुरक्षित रह सके। ऐसे प्रकरण सीधे थाने में दर्ज नहीं हो सकते। पति दूसरे व्यक्ति के खिलाफ सबूत के साथ मजिस्ट्रेट के समक्ष ही ऐसे मामले रख सकते हैं।
पत्नी को माना गया है जागीर
कानून की नजर में पत्नी को पति की ज़ागीर/ संपत्ति माना जाता है। यदि कोई गैर पुरुष किसी दूसरे पुरुष की पत्नी के साथ यौन सम्बन्ध बनाता है तो वह उसकी निजी संपत्ति में दखलअंदाजी करता है। इसलिए उस पर केस बनता है ।
नैतिकता पर भारी अवैध संबंध
वर्ष 2014 में एश्ले मैडिसन बेबसाई के एक सर्वे से हैरान करने वाले आंकड़े मिले। दरअसल, भारत में 76 फीसदी महिलाएं और 61 फीसदी पुरुष बेवफाई किए जाने को अब पाप नहीं मानते। यह सर्वे 75,321 लोगों पर किया गया। दस शहरों से लिए गए इस सैंपल में 80 फीसदी शादीशुदा हैं। इस सर्वे के मुताबिक 81 फीसदी पुरुषों और 68 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि विवाहेतर संबंधों की बात स्वीकारी। सर्वे के अनुसार पुरुषों की औसत आयु 45 जबकि औरतों की 31 साल थी।
अपराधी पुरुष ही होगा
भादसं की धारा 497 के तहत अवैध यौन संबंध के मामले में पुरुष को ही जारकर्म का दोषी माना जाएगा। ऐसे मामले में कारावास और जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। ऐसे मामले में महिला को अपराधी नहीं माना जा सकता।
- रितुराजसिंह, अधिवक्ता, जोधपुर हाईकोर्ट

Published on:
07 Aug 2018 10:19 am