दी गांव में एक साथ ही बना रहे पूरी चौड़ाई का पथ, मुख्य मार्ग पर बंद हो गया यातायात
भेटाला. दी गांव में बन रहे गौरव-पथ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।ठेकेदार ने पूरी चौड़ाई में एक साथ ही कार्य शुरू किया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई।केवल दुपहिया वाहन ही पार हो सके।चौपहिया वाहनों के लिए दी गांव तो क्या इससे आगे के अन्य कई गांवों के लिए रास्ता बंद ही रहा। दो दिन पहले ही दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार लगी रही थी।उधर, ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता का भी आरोप लगाया है। बताया कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को अवगत भी कराया, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।
नहीं लगा कार्य विवरण बोर्ड
गांव में गौरव-पथ कार्य शुरू करने के बावजूद कार्य विवरण का बोर्ड तक नहीं लगा रखा। बागरा-आकोली मार्ग से लोग अंदर ठेठ गांव तक पहुंचने के बाद इस जगह आते हैं तो आवाजाही बंद मिलती है। पास से कोई रास्ता नहीं देने से इस एक किमी के निर्माणाधीन पथ के कारण लोगों ने भारी परेशानी झेली।वाहन चालक डूडसी प्याऊ से आकोली, सियाणा, चांदना, भेटाला, नागणी होते हुए दी गांव पहुंच पाए।
मनमर्जी से निर्माण
इस मामले में पूछे जाने पर पता चला कि अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में अधिकारियों की मौजूदगी के बिना गौरव पथ कार्य का निर्माण किस तरह शुरू किया गया यह भी सोचने वाली बात है। पूरा काम ठेकेदार के भरोसे छोड़ देने से मनमर्जी का काम हो रहा है।
किनारे पर बिछाया प्लास्टिक
निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जांच की मांग की है।बताया कि गौरव पथ कार्य के दौरान सडक़ के नीचे करीब 12 फीट प्लास्टिक बिछाना था।इसके बाद सीमेंट व कंकरीट डाला जाना चाहिए, लेकिन किनारों पर ही प्लास्टिक बिछाया जा रहा है।
नहीं बनाया मार्ग...
&दी गांव में गौरव पथ मार्ग का कार्य शुरू करने से पहले सरपंच से डायवर्जन की अनुमति मांगी थी, लेकिन रास्ता नहीं देने से डायवर्जन मार्ग नहीं बनाया गया।
- राजू राम, कार्यकारी एजेंसी का प्रतिनिधि
देखना पड़ेगा...
&आवागमन में परेशानी हो रही है तो मौके पर जाएंगे, फिरसमाधान कराएंगे।ग्रामीण गौरव पथ सडक़ योजना में डायवर्जन मार्ग बनानेे का कोई प्रावधान नहीं है।
- अनिल माथुर, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, जालोर