- प्रकृति का अनूठा स्वरूप, पहली बार केवल पत्रिका में
रिपोर्ट: खुशालसिंह भाटी
जालोर. जालोर का स्वर्णगिरी दुर्ग जालोर की गौरव गाथा को प्रदर्शित करने का केंद्र हैं, लेकिन इसी दुर्ग की पहाड़ी पर एक अनोखा नजारा प्रकृति प्रदत्त है, जिसका स्वरूप हमें पहली बार देखने को मिल रहा है। इस पहाड़ी के शिखर पर पहाड़ी की एक ऐसी अद्भुत संरचना है, जो पहाड़ी को ही अद्र्धनारेश्वर का स्वरूप प्रस्तुत करती है। अरावली पर्वतमाला यूं तो प्रकृति के अनेकानेक खनिजों और अद्भुत प्राकृतिक नजारों से भरी हुई है, लेकिन कई बार सरंचनाएं देखने को मिलती हैं कि लोग विस्मित रह जाते हैं। जालोर दुर्गस्थित वीरमदेव चौकी के पास स्थित पर्वत चोटी को भीनमाल रोड के पास रणछोड़ नगर से देखने पर बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती है और यहां अद्र्धनारेश्वर जैसा नजारा होता है।
शौक बना इस खोज का माध्यम
इस आकर्षक नजारे को खोज निकाला है डॉ. रामचन्द्र अणगासारिया ने। डॉ. अणगासारिया जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जालोर में जिला रसायनज्ञ के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रात:कालीन भ्रमण के दौरान फोटोग्राफी करते समय इनकी निगाह इस चोटी पर पड़ी और वहीं पर टिक कर रह गई। इसके बाद कई दिनों तक लगातार अलग अलग जगह से फोटोग्राफी कर विश्लेषण करने पर इस चोटी का आकर्षक रूप सामने आया। डॉ. अणगासारिया ने इस चोटी को ‘आरसी पीक’ नाम दिया है। इस चोटी की तरफ प्रशासन ध्यान देकर इसको विकसित करे तो जालोर में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ जाएंगी और जालोर के विकास में सहायक होगी। हालांकि इस चोटी की धरातल से ऊंचाई अधिक है, जो विजिबल क्षेत्र में एक पिकनिक प्वाइंट विकसित करने के साथ यहां स्थायी दूरबीन लगाई जाए तो यहां स्थानीय लोगों के साथ साथ पर्यटक भी आएंगे, क्योंकि गुजरात से नाकोड़ा, जैसलमेर जाने वाले पर्यटक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
माउंट की टॉड रॉक विख्यात
माउंट आबू में स्थित टॉड रॉक जो कि पूर्णत: प्राकृतिक चट्टान है, लेकिन मेंढक की आकृति जैसी होने के कारण जिस प्रकार से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। उसी प्रकार जालोर जिला मुख्यालय पर स्थित एक पर्वत छोटी का आकार देखने में बिलकुल किसी प्राचीन हिंदू देवी की मुखाकृति जैसी दिखती है।