jammu kashmir : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर कठुआ और बारामुल्ला की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।
jammu kashmir : श्रीनगर. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के वरिष्ठ नेता एवं प्रवक्ता तनवीर सादिक ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कठुआ और बारामुल्ला की हालिया घटनाओं के बारे में बात की तथा चिंता व्यक्त की कि ऐसी घटनाएं जम्मू-कश्मीर (jammu kashmir) के लोगों को और अलग-थलग कर सकती हैं। पिछले सप्ताह, कठुआ और बारामुल्ला की घटनाओं ने क्षेत्र में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया था। कठुआ में, कथित तौर पर पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किए गए 26 वर्षीय व्यक्ति ने चार फरवरी को आत्महत्या कर ली थी। एक दिन बाद, बारामुल्ला में एक ट्रक चालक को सेना ने कथित तौर पर एक चेकपॉइंट पर रुकने में विफल रहने पर गोली मार दी थी। सोमवार को शाह के साथ बैठक के दौरान अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने और जम्मू-कश्मीर (jammu kashmir) में समग्र कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा की। सादिक ने श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा कि उमर साहब ने बारामुल्ला और कठुआ की घटनाओं के बारे में बात की और कहा कि ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दोनों घटनाओं की समयबद्ध जांच का भी आग्रह किया। साथ ही उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस तरह की कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के लोगों को करीब लाने के बजाय उन्हें दूर ही करेंगी।
नेकां प्रवक्ता ने कहा कि शाह के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य का दर्जा बहाल करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने बेरोजगारी, दिहाड़ी मजदूरों की ओर से चल रहे विरोध प्रदर्शन और अन्य दबाव वाले मुद्दों के बारे में भी बात की। आज प्रमुख चुनौतियों को हल करने की कुंजी राज्य का दर्जा बहाल करना है।
उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला ने तीन मार्च को जम्मू में शुरू होने वाले आगामी बजट सत्र पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यहां शासन मॉडल के बारे में बात की और जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सादिक ने स्थानीय मीडिया की उस रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ चर्चा के लिए दिल्ली में थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फारूक अब्दुल्ला पिछले चार दिन से भाजपा नेताओं से मिलने दिल्ली में नहीं हैं। वह मुबंई में थे और वहां जाने के दौरान केवल कुछ समय के लिए दिल्ली से होकर गुजरे। किसी भी समय उन्होंने किसी भाजपा नेता से मुलाकात नहीं की। सादिक ने कहा कि हम अभी भी भाजपा की नीतियों के खिलाफ हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में जो किया हम अभी भी उसका विरोध करते हैं।