
5 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त (File Photo)
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। एक ओर कठुआ जिले की पहाड़ियों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने सिस्टम के भीतर छिपे देशविरोधी तत्वों पर बड़ी कार्रवाई की है। आतंकी संगठनों से संबंध रखने के आरोप में 5 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
जम्मू के कठुआ जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों का संयुक्त ऑपरेशन जारी है। खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया है। बताया जा रहा है कि यहां जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी छिपे हुए हैं। सुरक्षाबल आधुनिक हथियारों से लैस होकर मोर्चे पर डटे हैं और आतंकियों की हर कोशिश को नाकाम किया जा रहा है। पुलिस की स्पेशल टीम भी मौके पर मौजूद है।
मुठभेड़ के बीच उमर अब्दुल्ला सरकार और एलजी प्रशासन के समन्वय से बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत पांच सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि इन कर्मचारियों के आतंकी संगठनों से सीधे संपर्क थे और वे आतंकियों को रसद, सूचना और अन्य मदद पहुंचा रहे थे।
इन सभी पर देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के ठोस सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की गई।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद और उसके समर्थकों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है। चाहे वह सीमा पार से आने वाले आतंकी हों या सिस्टम के भीतर छिपे ‘स्लीपर सेल’, सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
13 Jan 2026 04:26 pm
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