
पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती। (फोटो-IANS)
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को उत्तराखंड के मसूरी में प्रसिद्ध सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह की दरगाह में हुई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की है। पूर्व सीएम मुफ्ती ने इस घटना को लेकर बीजेपी पर दोहरे चरित्र का भी आरोप लगाया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- विदेशों में बीजेपी नेता सांस्कृतिक सौहार्द और धार्मिक समन्वय की तस्वीर पेश करते हैं, लेकिन देश के भीतर जब आध्यात्मिक एकता के प्रतीकों पर हमला होता है, तो या तो चुप रहते हैं या परोक्ष रूप से उसे बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता विदेशों में धार्मिक स्थलों और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ सौहार्द दिखाती है, जबकि देश में सूफी परंपरा और आपसी भाईचारे के प्रतीकों को निशाना बनाया जा रहा है।
पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा, “विदेशों में भाजपा नेता मस्जिदों में फोटो खिंचवाते हैं और मध्य-पूर्व के शेखों के लिए रेड कार्पेट बिछाते हैं, लेकिन देश में सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह की दरगाह पर हुई तोड़फोड़ को खुशी-खुशी देखते हैं।”
उन्होंने इस तरह की घटनाओं को सुनियोजित राजनीतिक रणनीति करार देते हुए कहा कि सूफी दरगाहों और सह-अस्तित्व के प्रतीकों पर हमले कर जनता का ध्यान गरीबी, बेरोजगारी और युवाओं की समस्याओं जैसे गंभीर मुद्दों से भटकाया जा रहा है। उनके मुताबिक, आम लोगों की तकलीफों का समाधान करने के बजाय सौहार्द के प्रतीकों को कमजोर करने करना आसान रास्ता चुना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि 18वीं सदी के सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह की मसूरी स्थित दरगाह में असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की। इस दौरान आरोपी “जय श्री राम” के नारे लगाते हुए दरगाह के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचाते नजर आए। इस घटना की विभिन्न वर्गों और संगठनों ने कड़ी निंदा की है।
पुलिस ने इस घटना के संबंध में करीब 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच भी शुरू कर दी है।
Updated on:
27 Jan 2026 03:00 pm
Published on:
27 Jan 2026 03:00 pm
