आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अब प्रदेश स्तर में जंगी प्रदर्शन करने के लिए रायपुर कूच कर गए
जांजगीर-चांपा. 40 दिन जिला मुख्यालय में हड़ताल करने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अब प्रदेश स्तर में जंगी प्रदर्शन करने के लिए रायपुर कूच कर गए हैं। वर्तमान में अपनी मांगों को लेकर महापड़ाव के तहत बताया रायपुर में प्रदर्शन कर रहे है। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 21 राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय रैली निकालेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री के गृह जिला कवर्धा में रैली रैली निकालकर मुख्यमंत्री को आगाह करेंगे।
गौरतलब है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अपनी वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर ५ मार्च से प्रदेशस्तरीय आंदोलन कर रहीं हैं। इस दौरान वे जिले के २ हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा हर दो चार दिन में महारैली का आयोजन किया जा रहा था। इसके बाद चार दिन पहले शहर में भीख मांगकर अपनी मांगों को प्रदेश के मुखिया तक पहुंचाया।
अब यही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका जिला मुख्यालय में हड़ताल बंदकर राजधानी कूच कर गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की जिला अध्यक्ष ताज बेगम खान ने कहा कि हम छह सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। सरकार जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं करेगी तब तक हड़ताल पर डटे रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बातें करते हुए अपनी पीठ थपथपा रही है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का परिवार भूखे मरने की स्थिति में है।
इधर सरकार की आंख नहीं दिख रही है। ताज बेगम ने कहा कि इधर कार्यकर्ताओं का पेट खाली है और सरकार १४ योजनाओं की मॉनिटरिंग हमसे करा रही है। गर्भवती का इतिहास बताने से लेकर गांव के प्रत्येक बच्चों का रिकार्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी हमारे हाथों सौंप देती है। इधर काम नहीं करने पर हमारा पेमेंट रोक दिया जाता है। इतना ही नहीं हमें तीन माह बाद वेतन दिया जाता है। खर्च के लिए साल में मात्र तीन सौ रुपए प्रदान किया जाता है।
यह है प्रमुख मांगें
-शासकीय कर्मचारी का दर्जा देकर 18000 रुपए वेतन दिया जाए
-रिटायर होने के बाद गुजर बसर के लिए कार्यकर्ताओं को तीन तथा सहायिका को दो लाख रुपए दिया जाए
-कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर बनाते वक्त उम्र की सीमा हटाई जाए
-मिनी आंगनबाड़ी केंद्र को पूर्ण आंगनबाड़ी में तब्दील किया जाए
-ड्रेस कोड की बाध्यता समाप्त किया जाए
-मृत्यु उपरांत अनुग्रह राशि 50 हजार दिया जाए