अन्य सालों की अपेक्षा इस साल मार्च से ही तेज गर्मी पडऩे लगी
जांजगीर-चांपा. अन्य सालों की अपेक्षा इस साल मार्च से ही तेज गर्मी पडऩे लगी है। समय से पहले बढ़ते तापमान से जहां लोग हलाकान हैं, वहीं स्कूलों में बच्चे गर्मी से बेहाल हो रहे हैं।
इस वर्ष मार्च में तपमान ४२ डिग्री सेंटिग्रेड तक जा पहुंचा है, जो अन्य वर्षों में अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक पहुंचता था। समय से पहले ही बढ़ती गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। जब तक आकाश मंडल में तीव्र प्रधान नक्षत्र विद्यमान रहेंगे, तब तक गर्मी का प्रकोप कम नहीं होगा। इस महीने 10 और 20 अप्रैल को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस दिन गर्म तासीर वाले नक्षत्र के बजाय बूंदे बरसाने और मौसम को ठंडकता प्रदान करने वाला नक्षत्र पड़ रहा है।
यदि गोचर में ग्रहों की स्थिति पर विचार किया जाए तो प्रमुख ग्रह सूर्य लग्न में उच्च के शुक्र के साथ आसीन है, जो अग्नि तत्व को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी है। अग्नि तत्व प्रधान मंगल स्वग्रही होकर द्वितीय भाव में बैठा हुआ है, जो कि गर्मी बढऩे के स्पष्ट संकेत देता है। इसके अलावा सूर्य प्रधान सिंह राशि में राहू का होना भी इस बात का परिचायक है कि इस वर्ष गर्मी तीव्रता के साथ पड़ेगी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रकृति में बदलाव सहज प्रक्रिया है,
मौसम में आए बदलाव का प्रमुख कारण ग्लोबल वार्मिंग
लेकिन पिछले कुछ सालों से मौसम में आए बदलाव का प्रमुख कारण ग्लोबल वार्मिंग है। जंगल काटे जा रहे हैं और कांक्रीट, पत्थर, सीमेंट के जंगल बढ़ रहे हैं। इस स्थिति में दिन ब दिन गर्मी और बढ़ती जा रही है। शहर से लेकर गांव तक की सड़क कांक्रीट होने से बरसात में पानी जमीन के अंदर प्रवेश नहीं कर पाती है ऐसे में जमीन में पानी की कमी भी हो रही है। बरसात में बारिश कम होने से गर्मी बढऩे की अधिक संभावना रहती है।