CG Crime: राजनैतिक रसूख और पद मिलने के बाद जीवित लोगों को मृत घोषित करने की कहानी हमने फिल्मों में कई बार देखा है, लेकिन फिल्मों की तरह ही ऐसी कहानी जैजैपुर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नंदेली के बुजुर्ग दंपति के साथ देखने को मिली।
Janjgir Champa News: राजनैतिक रसूख और पद मिलने के बाद जीवित लोगों को मृत घोषित करने की कहानी हमने फिल्मों में कई बार देखा है, लेकिन फिल्मों की तरह ही ऐसी कहानी जैजैपुर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नंदेली के बुजुर्ग दंपति के साथ देखने को मिली। यहां पंचायत के सचिव, सरपंच ने अपने बेटे के साथ मिलकर उनके ही गांव के बुजुर्ग दंपति गोरेलाल चंद्रा, विमला बाई चंद्रा को मृत घोषित करते हुए जनपद पंचायत जैजैपुर में पत्र दे दिया। पत्र के आधार पर बुजुर्ग दंपति शासन से मिलने वाली पेंशन की राशि से वंचित हो गए।
दंपति अपने आप को जीवित बताने महीनेभर सरकारी नुमाइंदों के कार्यालयों में भटकते रहे और स्वयं को जीवित बताते रहे लेकिन किसी भी अधिकारी ने गुहार नहीं सुनी। ऐसे में पूरे मामले की शिकायत जब दंपति ने एसपी कार्यालय में की तो एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर जैजैपुर पुलिस ने ग्राम पंचायत नंदेली की सरपंच हेमलता जन्मेजय चंद्रा, सचिव देवेंद्र जांगड़े और सरपंच पुत्र याज्ञेन्द्र चंद्रा के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि लोकतंत्र में पंचायत चुनाव सबसे प्रमुख और मुख्य कड़ी है। लेकिन ग्राम पंचायत नंदेली में सरपंच के द्वारा किए गए इस कृत्य के चलते पंच-परमेश्वर जैसा पद भी शर्मसार हो गया है।
मामले को दबाने स्थानीय नेताओं ने लगाई पूरी ताकत
जीवित व्यक्ति को मृत बताने वाले सरपंच को बचाने के लिए क्षेत्र के कुछ कथित नेताओं ने थाना पुलिस पर खूब दबाव बनाया। ताकि किसी तरह मामला दबाया जा सके। पूरे मामले में कार्रवाई ना हो, इसके शिकवा शिकायत का दौर भी चला लेकिन तमाम कोशिशों के बाद धोखाधड़ी करने वाले सरपंच और सचिव के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ।