CG News: जांजगीर-चांपा जिले में बिमीत पुत्र के मृत्यु होने पर इंश्योरेंस कंपनी ने बीमा राशि देने से इनकार किया। अब बीमा की पूरी राशि 20 लाख रुप तथा वाद व्यय 5 हजार सहित देना होगा।
CG News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बिमीत पुत्र के मृत्यु होने पर इंश्योरेंस कंपनी ने बीमा राशि देने से इनकार किया। अब बीमा की पूरी राशि 20 लाख रुप तथा वाद व्यय 5 हजार सहित देना होगा। उपभोक्ता शिकायतकर्ता कमला बाई पति कंचन दास ग्राम पतेरापालीकला थाना नगरदा जिला सक्ती के पुत्र जयविक्रांता ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से 10 जनवरी 2021 को एक वर्ष के लिए टर्म लाइफ कवर बीमा पॉलिसी लिया था।
CG News: जिसमें शिकायतकर्ता नॉमिनी थी। बीमा अवधि में उपभोक्ता शिकायतकर्ता के पुत्र की दिनांक 2 अप्रैल 2024 को मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने अपनी पुत्र की बीमा राशि 20 लाख रुपए की मांग आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाईफ इंश्योरेंस कंपनी से की परंतु कंपनी ने बीमा राशि इस आधार पर देने से इंकार कर दिया कि बिमीत व्यक्ति ने भौतिक तथ्यों को छिपा कर तथा गलत बयानबाजी कर अपनी वित्तीय व चिकित्सीय स्थिति के बारे में गलत जानकारी देकर बीमा कराया है।
उपभोक्ता ने बीमा लोकपाल के समक्ष भी शिकायत प्रस्तुत की परंतु बीमा लोकपाल ने भी उपभोक्ता की शिकायत निरस्त कर दी। तब उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के समक्ष परिवाद पेश कर अपने मृत पुत्र की बीमा दावा राशि इंश्योरेंस कंपनी से दिलाए जाने मांग की।
जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू, सदस्य विशाल तिवारी, सदस्य महिमा सिंह ने पेश दस्तावेजों में किए गए तर्कों का सूक्ष्मता से अध्ययन कर यह पाया कि बिमीत व्यक्ति ने भौतिक तत्वों को नहीं छिपाया था तथा अपनी वित्तीय या चिकित्सीय स्थिति के संबंध में कोई गलत जानकारी नहीं दी थी तथा बीमा कंपनी द्वारा पालिसी धारक को जारी बीमा पॉलिसी में रिस्क कवरेज पालिसी जारी करने के दिनांक से ही प्रदान किया गया था। इस कारण इसे जिला आयोग ने यह मानते हुए कि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाईफ इंश्योरेंस कंपनी ने उपभोक्ता शिकायतकर्ता को दावा की गई बीमा राशि न देकर सेवा में कमी की है।
इस कारण विचारोपरांत जिला आयोग ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाईफ इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता को बीमा राशि 20 लाख रुपए तथा वाद का खर्च 5 हजार आदेश दिनांक से 45 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया। नियत अवधि में आदेशित राशि नहीं देने पर आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया । जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के अंतर्गत पेश परिवाद शिकायत को स्वीकार कर उक्त आदेश पारित किया गया।