
Sakti family tragedy: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से मजदूरी करने कश्मीर गए दीपक को आतंकियों ने नाम पूछकर गोली मार दी। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार शाम हुए आतंकी हमले में दीपक की मौत हो गई। मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत बुंदेली गांव का रहने वाला दीपक घर का एकलौता कमाने वाला था। पिता के निधन के बाद ही उसी के ऊपर घर की जिम्मेदारी थी। उसका एक साल का बेटा भी है। मासूम पापा, पापा बोलना सीख ही रहा था। वहीं इस घटना में अब सिर से पिता को साया उठा गया।
जानकारी के अनुसार दीपक रात्रे की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। उनके परिवार में पत्नी और एक साल का मासूम बेटा है। पिता के निधन के बाद दीपक ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहा था। दीपक का एक भाई भी है जो दिव्यांग है। ऐसे में घर को चलाने की पूरी जिम्मेदारी दीपक के कंधे पर थी। वह रोजी-रोटी की तलाश में मजदूरी करने कश्मीर गए था, जहां आतंकियों ने निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी।
इस घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीपक के निधन पर शोक जताते हुए पीड़ित परिवार के मदद का भरोसा जताया है। बता दें कि दीपक की असमय मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। परिजनों ने राज्य और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही बुंदेली गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। दीपक रात्रे की मौत से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। ग्रामीणों ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह एक कायराना हमला है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है। उपराज्यपाल ने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और उन्हें जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई और घायल मजदूर के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।