Chhattisgarh News: 5 साल पहले जिसके नाम का सिंदूर मिटाकर हो गई थी विधवा, लौट आया उसका सुहाग
जांजगीर-चांपा। हमारे समाज में पति को भगवान का दर्जा दिया गया है। कहा जाता है शादी का बंधन अटूट और पवित्र होता है लेकिन प्रदेश के एक जिले में ऐसी घटना घाटी हैं जिसे सुन आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल एक महिला पांच साल से पति जीवित (Husband) होने के बावजूद विधवा बनकर समाज में जीवन बीता रही थी। पिछले ग्यारह साल (11 Years) से महिला का पति घर से बहार था। न उसकी कोई खबर थी न ही कोई पता।
11 साल बाद पति की खबर पहुंची घर
लापता पति (Missing Husband) के इंतजार में पत्नी राह देखती रही मगर उसकी कहीं खोज-खबर नहीं लगी तो उसने इसी को अपनी किस्मत मानकर उसके नाम का सिंदूर माथे से मिटा लिया और पांच साल से विधवा की जिंदगी जी रही थी। मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था कि अचानक उसके सुहाग के सही-सलामत होने की खबर मिली और 11 साल तक जुदा रहने के बाद दोनों फिर एक - दूसरे से मिल गए। किसी फिल्म (Movies) की कहानी की तरह लगने वाली यह घटना मुलमुला गांव की है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, मुलमुला निवासी अश्वनी यादव पिता निरंजन (35) आज से ठीक 11 साल पहले उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं होने से घर से निकल गया था। परिजनों ने उसकी पांच-छह सालों तक तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला तो उसकी मौत (death) हो जाना मानकर क्रियाकर्म कर दिया। इधर पारिवारिक रीतिरिवाज के अनुसार महिला (नीता यादव) के माथे से सिंदूर मिटा दिया गया और हाथ की चूडिय़ां भी तोड़ दी गईं और इस तरह नीता पिछले पांच साल से विधवा की तरह जिंदगी गुजार रही थी।
मगर नीता के भाग्य में कुछ और लिखा था जब एक दिन पहले 30 जुलाई की सुबह पामगढ़ थानेदार राजकुमार लहरे के मोबाइल पर मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) के बुरहानपुर जिले के लालबाग थाने से फोन आया कि यहां एक व्यक्ति खानाबदोश की जिंदगी जी रहा है। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं लग रही और वह अपना नाम अश्वनी यादव, ग्राम मुलमुला बता रहा है।
ऐसे में लालबाग थाना प्रभारी ने इंटरनेट में सर्च कर पामगढ़ थाना प्रभारी का नंबर जुटाया और पामगढ़ थाना प्रभारी को मामले की जानकारी दी। पामगढ़ थाना प्रभारी राजकुमार लहरे ने इस नाम के व्यक्ति की मुलमुला में पतासाजी के लिए पुलिस (Chhattisgarh police) की टीम भेजी और उसे लालबाग थाने से लाकर सकुशल उसके घर मुलमुला पहुंचा दिया।
पुष्टि होने के बाद लेने गई टीम
मध्यप्रदेश के लालबाग में अश्वनी के होने की पुष्टि हुई तो पुलिस ने परिजनों को मंगलवार को ही लालबाग भेज दिया। लालबाग थाने में जब उसके परिजन पहुंचे तो उसके जीवित होने की पुष्टि हो गई। कॉन्फ्रेंस कर मोबाइल से बात कराई तब दोनों परिवार (Family) वालों के आंखों से आंसुओं की धार बहने लगी। इधर वीडियो रिकार्डिंग (Video call) के माध्यम से उसके परिजनों से भी बात कराई गई। इधर पुलिसिया कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद परिजनों को अश्वनी को सौंप दिया गया।
मध्यप्रदेश के लालबाग थाना से फोन आया था कि अश्वनी यादव नाम का व्यक्ति संदिग्ध रूप से घूम रहा है। इसके बाद उक्त व्यक्ति की गांव में पता तलाश किए जिससे उसकी पुष्टि हो गई। इसके बाद टीम भेजकर उसे उसके घर वापस (Missing Husband came back) ला दिए हैं। अब अश्वनी के परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई है।
- राजकुमार लहरे, थाना प्रभारी, पामगढ़
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