शहर के बीटीआई चौक में खतरनाक यू टर्न है। व्यस्त मार्ग होने के कारण हर रोज हादसे हो रहे है। कभी किसी का पैर, हाथ व शरीर के अन्य जगह गंभीर चोट लग रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार पुलिस इस दिशा में सुरक्षा के कोई उपाय नहीं कर रहे है।
जिला मुख्यालय में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार सड़कों के निर्माण में बड़े स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई है। प्राधिकरण व परिवहन विभाग की तरफ से सड़क निर्माण में बरती गई खामियां ही अधिकांश सड़क हादसे का कारण बनती हैं। शहर के अंदर की सड़कों से लेकर हाइवे तक पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करने को लेकर उचित प्रबंध नहीं हैं। वैसे तो शहर के सभी चौक-चौराहों में खतरा मंडरा रहा है, सभी चौक-चौराहे पुराने जमाने के ही है, अतिक्रमण बढ़ जाने के कारण चौक पहले से और संकरा हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक बीटीआई चौक है। यहां पर खतरनाक यू टर्न है। इस कारण हर रोज यहां हादसे आम बात हो गई। शहर के सबसे व्यस्त तिराहा है। लिंक रोड से बीटीआई चौक पहुंचने पर खतरनाक मोड़ है। ऐसे में स्पीड में चलने वाले कार या बाइक चालक दूसरी ओर से आ रहे वाहन को ठोकर मार देते है। ऐसे में इस चौक में हर रोज हादसे हो रहे है। ऐसा ही कुछ गुरुवार को भी देखने को मिला। लिंक रोड की ओर से तेज स्पीड में आ रही कार चालक ने चौक पार कर रहे बाइक को जबरदस्त ठोकर मार दी। जिससे बाइक में बैठे तीन लोग गिर गए। पीछे बैठी महिला के सीने में गंभीर चोट आई। वह दर्द से कराह रही थी। इसके बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों ने तत्काल १०८ बुलाकर महिला महिला को जिला अस्पताल पहुंचा गया। पास के पान ठेला संचालक ने बताया कि चौक में खतरनाक मोड़ होने के कारण हर रोज हादसे हो रहे है। इसके बावजूद अब तक पुलिस द्वारा बीटीआई चौक में किसी प्रकार सुरक्षा का उपाय नहीं किया जा रहा है। जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिम्मेदार को शायद बड़ा हादसा का इंतजार है।
आज तक नहीं लग सका ट्रैफिक सिग्नल
जिला मुख्यालय बने आज २४ साल से ज्यादा समय हो गया है। लेकिन जिला मुख्यालय से सबसे व्यस्त चौक होने के बावजूद आज तक बीटीआई चौक में ट्रैफिक सिग्नल तक नहीं लगाया जा सका है। अगर ट्रैफिक सिग्नल लग जाता तो कुछ हद तक हादसा को रोका जा सकता है। पुलिस द्वारा पहले स्टॉपर लगाया गया था, इसमें कुछ हद हादसे में कमी आई थी, लेकिन स्टॉपर को हटा देने के बाद फिर हादसे बढ़ गए है।