गुम हुए दो बालकों की हत्या की गुत्थी ने पुलिस ने सुलझा ली है। एकतरफा मोहब्बत में दोस्त ने ही प्रेमिका से मिलने के बहाने बुलाया और फिर खौफनाक मौत दे दी। अध्ययनरत नाबालिग के साथ पहुंचना दूसरे नाबालिग को मौत से चुकाना पड़ा। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित पांच आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसमें तीन नाबालिग शामिल है। तीनों नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया।
प्रेस कान्फ्रेंस में एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि थाना शिवरीनारायण क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सलखन के दो बालक 7 जनवरी को रात 10 बजे के बाद से अचानक गुम हो गए। आसपास ढूंढने के बाद 9 जनवरी को नाबालिक बालकों के गुम होने की सूचना पर थाना शिवरीनारायण में धारा 363 कायम कर विवेचना में लिया गया। पता तलाश किया जा रहा था कि 12 जनवरी को सूचना मिली कि ग्राम बरभांठा नहर पुल में नहर के अंदर पानी में एक व्यक्ति का शव सेमरा से गोधना की ओर आ रही नहर में पानी खुल जाने से बहकर आकर फंसा है। जिसे बाहर निकाल कर पंचनामा कार्रवाई दौरान शव की पहचान गुम नाबालिग के रूप में हुई। जिसकी हत्या कर नहर में छुपाने का प्रयास किया गया था। दूसरे गुम हुए बालक की भी तलाश की गई। जिसका शव उसी नहर में पोडी डबरी फॉल पुल के पास कचरे के साथ फंसा मिला। दोनों की हत्या की आशंका पर शॉर्ट पीएम रिपोर्ट अनुसार सिर में घातक चोट पहुंचाने से सिर फटने के कारण मृत्यु होने से धारा 302, 201 जोड़कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मुखबीर की सहायता से पहले नाबालिग को उनके परिजनों के समक्ष पूछताछ किया गया। जिसने बताया कि स्वयं तथा मृतक दोनों ही अपने स्कूल में पढऩे वाली नाबालिक प्रेमिका को चाहते थे। जिससे आपस में मनमुटाव था। इसके चलते अन्य दो नाबालिग तथा मुख्य आरोपी हेंमत प्रसाद बंजारे पिता सुकालू प्रसाद बंजारे (21), प्रभात भैना पिता आनंद राम भैना (19) पूर्व में निर्धारित योजना अनुसार मृतक नाबालिग को उसके प्रेमिका से मिलाने के लिए रात 10.30 बजे लगभग ग्राम बरभांठा के पानी टंकी के पास से सेमरा की ओर सूखी नहर तीसरे फॉल के पास बुलाया गया।
सूखी नहर में गड्ढे खोदकर छुपाया गया शव
नहर के फॉल में दोनों के शवों को गढढे् में डालकर उपर से पास के खेत से धान का पैरा लाकर ढ़क दिए। मृतक के मेाटर सायकल को घटना स्थल से लगभग 2 किमी मुडपार रोड के किनारे तालाब में छिपा दिए। नहर में १२ जनवरी को पानी छोड़े जाने के बाद शव बहने लगा, तब इसका खुलासा हुआ। घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड, पाईप, मोबाईल, पहने अपने-अपने कपड़े को अपने-अपने घर में छिपा दिए।
सीसी टीवी कैमरे ने खोला मौत का राज
मुख्य आरोपी हेमंत बंजारे सहित अन्य नाबालिगों ने बड़ी शातिर तरीके से मौत की घटना को अंजाम दिया। साथ ही पहले से बनाए गए प्लान के अनुसार ही वारदात की गई। घटना को अंजाम देने के दौरान किसी भी आरोपियों के पास मोबाइल नहीं था। सभी अपने-अपने घर में मोबाइल छोड़कर पहुंचे थे। ये भी प्लान का हिस्सा था, क्योंकि अधिकांश घटना मोबाइल से ही पकड़े जाते है। मोबाइल से पुलिस को किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली। फिर पुलिस ने सीसी टीवी के हिसाब से जांच शुरू की। गांव में एक दुकान, पेट्रोल पंप व एक मकान के सामने लगे सीसी टीवी खंगाली। इसमें पुलिस को बड़ी सबूत हाथ लगी। फिर साइबर सेल व मुखबिर के हिसाब से आरोपी तक पुलिस पहुंची और मौत का राज खुला। पहले दिन तालाब के पास मृतक के बाइक को छुपाया गया था, दूसरे तालाब अंदर डाला गया।
उद्देश्यों के प्राप्ति के लिए नाबालिग कर रहे गंभीर अपराध
नाबालिगों में सहन शक्ति खत्म हो रही है। अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए किसी भी प्रकार के हिंसा करने के लिए सहज तैयार रहते है। आखिर नाबालिग कौन दिशा में जा रहे यह चितंन का विषय है। एसपी विजय अग्रवाल का कहना है कि बालकों को स्कूल में भी शिक्षकों को इस संबंध में जागरूक करना चाहिए। इस संबंध में पालकों को अपने बच्चों को लगातार संवाद करना चाहिए ताकी उसके मन में जो समस्या है, उसका समाधान हो सके।