मुक्तिधाम भूमि मामले में आए दिन नए मोड़ सामने आते जा रहा है। इसमें अब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सक्ती ने कड़ा एक्शन
सक्ती. मुक्तिधाम भूमि मामले में आए दिन नए मोड़ सामने आते जा रहा है। इसमें अब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सक्ती ने कड़ा एक्शन लेते हुए शासकीय भूमि को कब्जा करने वालों पर कार्रवाई का संकेत देते हुए जगदीश प्रसाद पिता रामफल को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने नोटिस दिया है।
नोटिस में दर्शाया गया है कि आपके द्वारा नगर पालिका सक्ती को पत्र लिखकर वर्तमान में संचालित सब्जी मंडी की जमीन को अपना बताते हुए कब्जा दिलाने आवेदन दिया गया था। वहीं 20 दिसंबर को शासकीय भूमि खसरा नंबर 1213 की जांच की गई। जांच के दौरान जगदीश स्वत: उपस्थित थे।
वर्तमान में संचालित सब्जी मंडी मरघट जमीन 1213 में संचालित है तथा कुछ सब्जी दुकान नगर पालिका के द्वारा खसरा नंबर 1207 में निर्मित प्रतीक्षा बस स्टैंड के बगल में है जो कि 1213 से सटा हुआ है। प्रतीक्षा बस स्टैंड खसरा नंबर 1207 रकबा डेढ़ एकड़ डॉ. राजेश अग्रवाल द्वारा दान में दिया गया है,
जिसमें बस स्टैंड निर्मित है। प्रतीक्षा बस स्टैंड एवं 1213 मरघट भूमि आपस में जुड़ा हुआ है। इस प्रकार से स्पष्ट है कि वर्तमान में सब्जी मंडी शासकीय भूमि खसरा नंबर 1213 एवं प्रतिक्षा बस स्टैंड 1207 रकबा डेढ़ एकड़ के कुछ हिस्से में संचालित है,
परंतु आपके द्वारा षड्यंत्र पूर्वक शासकीय भूमि खसरा नंबर 1213 में कब्जा करने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा संचालित सब्जी मंडी को हटाकर निर्माण कार्य करने कहते हुए आवेदन दिया गया है, जो कि आपराधिक कृत्य है। इस संबंध में स्पष्टीकरण 3 जनवरी को न्यायालय में उपस्थित होकर पस्तुत करने कहा गया है।
स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की दशा में यह माना जावेगा कि आपके द्वारा अपने बचाव में कुछ नहीं कहा गया है तथा आरोप स्वीकार है। सक्ती शहर एवं आसपास के अंचल में मरघट भूमि मामले को लेकर कौतूहल मची हुई है, वही एक और नोटिस अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय सक्ती से जगदीश प्रसाद पिता रामफल को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने दिया गया है, जिस में उल्लेखित किया गया है कि ग्राम पोरथा स्थित भूमि खसरा नंबर 390 1 के संबंध में आपसे दस्तावेज मंगाया गया, जिसकी जांच की गई।
जांच में एवं आपके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज का अवलोकन किया गया उक्त जमीन को आपके द्वारा नत्थूराम पिता गौतम जाति सतनामी ग्राम पोरथा से क्रय किया गया। रजिस्ट्री पत्र में क्रेता एवम विक्रेता द्वारा घोषणा पत्र प्रस्तुत किया गया जिसके अनुसार उक्त भूमि मुख्य मार्ग से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, परंतु जांच में उक्त भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग से लगा हुआ पाया गया। इससे स्पष्ट है कि स्टांप ड्यूटी चोरी के उद्देश्य से झूठा शपथपत्र आपके द्वारा प्रस्तुत किया गया है आपका व्यवसाय स्टांप वेंडर का है
अर्थात आप को जमीन खरीदी बिक्री एवं स्टांप ड्यूटी के संबंध में पर्याप्त जानकारी है। इसके बावजूद आपके द्वारा कूट रचित घोषणा पत्र एवं शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है तथा स्टाम्प ड्यूटी बचाकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। इसी प्रकार आपके द्वारा शपथ पत्र एवं घोषणा पत्र प्रस्तुत किया गया है
जिसके अनुसार उक्त भूमि को शासकीय पट्टे पर प्रदत भूमि नहीं है करके घोषणा पत्र शपथ पत्र दिया गया है। तहसीलदार सक्ती के प्रतिवेदन से यह स्पष्ट है कि उक्त भूमि शासकीय पट्टे पर प्रदत भूमि है इस प्रकार से आपके द्वारा झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर क्रय किया गया एवं छत्तीसगढ़ राजस्व संहिता की धारा 165 का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है।
पटवारी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 1929-30 के मिशल का अवलोकन किया गया, जिसमें खसरा नंबर 390 रकबा 8.87 एकड़ भूमि घास मद में दर्ज है।
अपने उक्त विधि विरुद्ध कार्य के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। स्पष्टीकरण 3 जनवरी को कार्यालयीन समय मे प्रस्तुत करना है। स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की दशा में उक्त जमीन को शासन मद में दर्ज करते हुए आपके विरुद्ध शासकीय भूमि को कूट रचना कर हड़पने के संबंध में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।