जांजगीर चंपा

बाबा अंबेडकर जयंती आज….. साल भर बाद भी नहीं बनी संविधान निर्माता की मूर्ति

प्रदेश में सरकार बदली तो बजट के नाम से बाबा अंबेडकर की मूर्ति निर्माण पर ही ग्रहण लग गया। दरअसल, जांजगीर के कचहरी चौक में पूर्ववर्ती सरकार ने बाबा अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा निर्माण के लिए काम शुरू कराया था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने पर्याप्त बजट नहीं दिया था।

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बाबा अंबेडकर जयंती आज..... साल भर बाद भी नहीं बनी संविधान निर्माता की मूर्ति

20 लाख 19 हजार रुपए की मूर्ति निर्माण के लिए मात्र 5 लाख रुपए ही स्वीकृत किए थे। ठेकेदार ने पांच लाख रुपए से अधिक के काम करा चुका। ऐन वक्त में विधानसभा चुनाव आ गया। इसके बाद काम सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के सभी काम में रोक लगा दिया था। इसके चलते यह काम भी रुक गया। अलबत्ता बजट के अभाव में बाबा अंबेडकर की मूर्ति निर्माण का काम अटक गया है। ऐसे में प्लास्टिक की पन्नी में लिपटी बाबा अंबेडकर की मूर्ति धूल खाते पड़ी है। ऐसे में यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि कहीं नई सरकार ने बजट स्वीकृत नहीं की तो मूर्ति निर्माण का काम ऐसे ही धूल खाते पड़ी न रह जाए। जिला मुख्यालय में संविधान निर्माता बाबा अंबेडकर की मूर्ति पिछले एक साल से धूल फांक रही है। निर्माण कर्ता कंपनी ने मूर्ति निर्माण के लिए जरूरी बजट नहीं मिलने के कारण काम छोड़ दिया है। ऐसे में अधी अधूरी मूर्ति न केवल चौक चौराहों की सूरत बिगाड़ रही है बल्कि संविधान निर्माता का अनादर भी माना जा सकता है। क्योंकि काम अधूरा होने से लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। नगरपालिका की माने तो अब तक इस मूर्ति का निर्माण कार्य पूरा हो जाना था। क्योंकि टेंडर नियमों में इसके निर्माण की मियाद पूरी हो चुकी है। लेकिन बजट नहीं होने से काम जस का तस पड़ा है।


दो बार दे चुके यूसी सर्टिफिकेट के लिए रिमाइंडर


नगरपालिका ने मूर्ति निर्माण कार्य के अधूरी कार्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को दो रिमाइंडर भी दे चुका है। यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट के लिए दो बार रिमांडर देने के बाद भी इस मद के लिए आवश्यक राशि राज्य सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसके चलते अधूरी मूर्ति को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।


गंदगी का यहां भंडार


संविधान निर्माता की जहां पर मूर्ति स्थापित की गई है वहां पर होटल भी संचालित है। जहां हमेशा कूड़े करकट उनके गेट के सामने ही फेंक दी जाती है। इसके चलते संविधान निर्माता को अपमान भी झेलनी पड़ती है। विडंबना यह है कि समाज के लोग भी इस मूर्ति के अनावरण के लिए आवश्यक पहल नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते यह मूर्ति उपेक्षा का शिकार होते जा रहा है।

मूर्ति निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो रहा है उस हिसाब से काम आगे बढ़ रहा है। मूर्ति की लिपाई पुताई का काम चल रहा है। जल्द ही मूर्ति मूर्त रूप लेगी।
- प्रहलाद पांडेय, सीएमओ, नपा जांजगीर-नैला

Published on:
13 Apr 2024 09:06 pm
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